'महात्मा गांधी की जगह नोट पर हो नेताजी की फोटो', हिंदू संगठन की मांग पर BJP ने दिया ये जवाब

अखिल भारत हिंदू महासभा ने नोट पर महात्मा गांधी की जगह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की फोटो लगाए जाने की मांग की है. इस मांग को लेकर पश्चिम बंगाल बीजेपी की प्रतिक्रिया आई है.

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 भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 9:44 AM IST

देश में नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर छपी होती है. अखिल भारत हिंदू महासभा (ABHM) ने शुक्रवार को ये मांग की थी कि नोट पर महात्मा गांधी की जगह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगाई जानी चाहिए. हिंदू महासभा ने अपनी मांग के समर्थन में ये तर्क दिया था कि स्वतंत्रता संग्राम में सुभाष चंद्र बोस का योगदान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जरा भी कम नहीं था.

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इसे लेकर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पश्चिम बंगाल इकाई की प्रतिक्रिया आई है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि हमारी पार्टी मतदाताओं को किसी विशेष समुदाय या धर्म के चश्मे से नहीं देखती है. उन्होंने आगे कहा कि वे जो कह रहे हैं, हम उस पर जोर नहीं देना चाहते लेकिन कहना चाहते हैं कि हम किसी विशेष समुदाय या धर्म के चश्मे के साथ राजनीति नहीं करते.

गौरतलब है कि एबीएचएम की ओर से दुर्गा पूजा के दौरान महिषासुर की प्रतिमा को लेकर हंगामा हो गया था. तब संगठन की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा में महात्मा गांधी की तरह दिखने वाले महिषासुर की प्रतिमा स्थापित की गई थी जिसे लेकर विवाद हुआ था. अब इसके कुछ ही समय बाद संगठन की ओर से नोट पर महात्मा गांधी की जगह सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगाने की मांग की गई है.

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ABHM के प्रदेश अध्यक्ष ने उठाई मांग

एबीएचएम के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रचूड़ गोस्वामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि हमें लगता है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी का योगदान महात्मा गांधी से कम नहीं था. इसलिए भारत के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी को सम्मानित करने का सबसे अच्छा तरीका नोट पर उनकी तस्वीर लगा देना है. गांधीजी की तस्वीर को नेताजी के साथ रिप्लेस कर दिया जाना चाहिए. 

पंचायत चुनाव लड़ेगी ABHM

उन्होंने यह भी कहा था कि संगठन ने अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव में प्रत्याशी उतारने का फैसला कर लिया है. गोस्वामी की मांग को लेकर टीएमसी और कांग्रेस ने आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की शाखाओं को पश्चिम बंगाल में विभाजनकारी राजनीति करना बंद कर देना चाहिए. हालांकि, गोस्वामी ने दोहराया कि महिषासुर के रूप में गांधीजी का चित्रण "गैरइरादतन" और "संयोग" था.

महिषासुर विवाद को बताया संयोग

एबीएचएम नेता महिषासुर को लेकर विवाद पर सफाई दी और कहा कि ये महज संयोग था. इससे पहले संगठन ने भी ये दावा किया था कि यह एक संयोग था कि महिषासुर की मूर्ति, जिसका सिर गंजा था और जो सफेद धोती और गोल चश्मे में थी, वह गांधी के समान दिख रही थी. गांधीजी को महिषासुर के रूप में चित्रित करने का हमारा कोई इरादा नहीं था. यह अनजाने में था. इस मुद्दे पर विवाद पैदा करने की कोशिश करने वालों को ऐसा करने से बचना चाहिए.

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हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेंगे

चंद्रचूड़ गोस्वामी ने कहा कि न तो टीएमसी और न ही बीजेपी ही राज्य में हिंदू बंगालियों के अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम हैं. हम उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेंगे. हम कुछ बीजेपी विधायकों की ओर से बंगाल के विभाजन की मांग का भी समर्थन नहीं करते हैं. हम राज्य को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहते हैं. उन्होंने ये भी दावा किया कि एबीएचएम का संगठन राज्य के हर जिले में बढ़ रहा है, हम पंचायत चुनाव लड़ेंगे और आश्चर्यजनक परिणाम लेकर आएंगे.

कांग्रेस ने बीजेपी पर बोला हमला

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला बोल दिया है. उन्होंने कहा है कि देश की आजादी में गांधीजी की भूमिका निर्विवाद है. अधीर ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे कौन था और अब उनके आदर्शों और सिद्धांतों की रोजाना हत्या हो रही है. बीजेपी और आरएसएस को इसका जवाब देना चाहिए.

 

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