जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा बीजेपी पर उनकी सरकार गिराने और विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का आरोप लगाने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. बीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि आरोप साबित नहीं किए गए तो उमर अब्दुल्ला के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शनिवार को उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि बीजेपी से जुड़े एक सुप्रीम कोर्ट के वकील उनकी पार्टी के विधायकों को पैसे और मंत्री पद का लालच देकर अपने साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं. उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. पहले पैसे और मंत्री पद का लालच दिया गया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो अब मेरे विधायकों से कहा जा रहा है कि हमारे साथ आओ, हम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिला देंगे. जम्मू के एक विधायक ने मुझे बताया कि बीजेपी का एक पदाधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट का वकील भी है, उसने 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव दिया.'
उमर अब्दुल्ला के आरोप बेबुनियाद: बीजेपी
मुख्यमंत्री के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता और विधायक आर.एस. पठानिया ने कहा कि उमर अब्दुल्ला अपनी सरकार की कथित विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. पठानिया ने कहा, 'मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि किस विधायक को पैसे की पेशकश की गई, कौन-सा बीजेपी नेता इसमें शामिल था और यह कथित घटना कब और कहां हुई. अगर इतनी गंभीर घटना हुई थी तो इसकी शिकायत जांच एजेंसियों से क्यों नहीं की गई? एक निर्वाचित मुख्यमंत्री बिना सबूत के ऐसे आरोप नहीं लगा सकता.'
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उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार जनता से किए गए वादे पूरे करने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले ही साल में उसकी पोल खुल गई है. भ्रष्टाचार बढ़ा है और तबादलों का कारोबार फल-फूल रहा है. बीजेपी नेता ने कहा कि यदि उमर अब्दुल्ला अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं करते या उन्हें वापस नहीं लेते तो पार्टी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगी. आर.एस. पठानिया ने यह भी घोषणा की कि बीजेपी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के कथित राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे जम्मू-कश्मीर में अभियान चलाएगी.
समय पर जम्मू-कश्मीर को मिलेगा स्टेटहुड
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन पर बीजेपी ने कहा कि केंद्र सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है. आर.एस. पठानिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में पहले ही साफ कर चुके हैं कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.
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