हिंदुओं की जमीन संदिग्धों के नाम... कौन है लेडी अफसर नूपुर बोरा, कहां से आई बेहिसाब दौलत? जानें पूरी कहानी

असम में बीते दिनों असम सिविल सर्विस (ACS) की अधिकारी नूपुर बोरा को अरेस्ट किया गया. आरोप है कि नूपुर के ठिकानों पर ली गई तलाशी में करीब 92.50 लाख रुपये कैश और लगभग 1.5 करोड़ रुपये के जेवरात बरामद हुए. ये दौलत आय से करीब 400 गुना अधिक बताई जा रही है. आरोप है कि नूपुर ने हिंदुओं की जमीन संदिग्धों के नाम कर दी थी, जिसके एवज में पैसे लिए गए.

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लेडी अफसर नूपुर वोरा पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप. (File Photo: ITG) लेडी अफसर नूपुर वोरा पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • गुवाहाटी,
  • 18 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

गुवाहाटी में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे असम प्रशासन को हिलाकर रख दिया. नूपुर बोरा, एक युवा असम सिविल सर्विस (ACS) अधिकारी.. अब जेल की सलाखों के पीछे है. नूपुर के नाम पर बेशुमार दौलत मिली है. इस मामले के सामने आने के बाद सवाल है कि आखिर इतनी दौलत उनके पास कहां से आई?

मूल रूप से बोरा घाट की रहने वाली नूपुर बोरा ने साल 2019 में सिविल सर्विस जॉइन की थी. शुरुआती करियर में नूपुर की पहचान राज्य प्रशासन में एक प्रतिभाशाली और मेहनती अफसर के रूप में बनी, लेकिन इसके बाद नूपुर का नाम भ्रष्टाचार के मामलों से जुड़ गया. बोरा ने बारपेटा में जमीन के अवैध हस्तांतरण की मंजूरी दी. आरोप है कि बोरा ने हिंदुओं की जमीन को संदिग्ध व्यक्तियों के नाम ट्रांसफर किया और इसके लिए रिश्वत ली. 

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निगरानी और जांच के बाद मुख्यमंत्री की स्पेशल सेल (Vigilance Cell) ने नूपुर को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान कई स्थानों पर रेड की गई, जिनमें गुवाहाटी का उनका घर और बारपेटा का रेंटेड फ्लैट शामिल थे. रेड के दौरान 92.50 लाख रुपये कैश और लगभग 1.5 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए. इसके अलावा, उनका नाम गुवाहाटी में दो प्लॉट और तीन फ्लैट्स में भी दर्ज है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुलासा किया कि गिरफ्तार ACS अधिकारी नूपुर बोरा ने अपनी वैध आय से 400 गुना अधिक संपत्ति इकट्ठा कर ली थी. उन्होंने कहा कि सिर्फ सस्पेंशन या बर्खास्तगी जैसे कदम पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह मामला मिसाल बने.

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बक्सा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में सीएम सरमा ने बताया कि नूपुर बोरा पर पिछले छह महीने से नजर रखी जा रही थी. बारपेटा में सर्कल ऑफिसर रहते हुए उन्होंने एक अवैध भूमि सौदे को मंजूरी दी थी, जिसके बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया था. सीएम ने जनता से भी अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्क रहें और अगर कोई अधिकारी रिश्वत मांगे तो तुरंत सूचना दें.

स्पेशल विजिलेंस सेल की एसएसपी ने क्या कहा?

इस मामले पर स्पेशल विजिलेंस सेल की एसएसपी रोजी कलिता ने गुवाहाटी में जानकारी दी कि बोरा की गिरफ्तारी प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है. उनके गुवाहाटी स्थित फ्लैट और बारपेटा में किराए के मकान से 92.50 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जो अब तक सेल द्वारा पकड़ा गया सबसे बड़ा कैश है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि बोरा के नाम पर गुवाहाटी में दो प्लॉट और तीन फ्लैट हैं, साथ ही भारी मात्रा में जेवरात भी मिले हैं. फिलहाल, जांच टीम इस पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है.

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(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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