मशहूर Urdu Poet Bashir Badr ने अपनी यादों और लफ्जों की रोशनी दुनिया को देकर अलविदा कह दिया. 28 मई 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे Shayari की एक अनमोल विरासत छोड़ गए. उनकी Ghazal में मोहब्बत, जिंदगी और समाज की सच्चाइयों की गहरी झलक मिलती है.