'20 मिनट में PAK को चटाई धूल, वक्फ संशोधन से मुसलमानों का भला...' बोले CM नायडू, एक राष्ट्र-एक चुनाव का भी किया समर्थन

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की और उन्हें वैश्विक नेता करार दिया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत-पाक तनाव कुशलता से नियंत्रित किया. इसके साथ ही नायडू ने वक्फ अधिनियम और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार का भी समर्थन किया.

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चंद्रबाबू नायडू चंद्रबाबू नायडू

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2025,
  • अपडेटेड 11:51 PM IST

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को भारत के सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर का जोरदार समर्थन किया. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें “वैश्विक नेता” कहा.

आजतक के साथ खास बातचीत में नायडू ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को कुशलता से संघर्ष में बदलने से रोका. नायडू ने कहा, "100 प्रतिशत, यह (ऑपरेशन सिंदूर) मोदी सरकार की उपलब्धि है. कोई अन्य नेता इतनी सटीकता और कुशलता से यह नहीं कर सकता था. पहलगाम आतंकी हमला दुर्भाग्यपूर्ण था, जिसमें पतियों को उनकी पत्नियों के सामने मार डाला गया."

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पीएम मोदी ने रखा था ऑपरेशन का नाम 'सिंदूर'

सीएम नायडू ने बताया कि पीएम मोदी ने इस आतंकी हमले का जवाब देने के लिए सैन्य अभियान का नाम "सिंदूर" रखा, जिससे भारतीय महिलाओं की भावनाओं को सम्मान मिला. नायडू ने बताया कि “20 मिनट के भीतर हमने आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया और नागरिकों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर कोई हमला नहीं किया. संघर्ष को समय पर रोका गया. प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को रोकने में सफलता पाई. अगर यह लंबा चलता, तो हमें नुकसान हो सकता था.”

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू किया गया था, जिसके तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 9 आतंकी शिविरों को नष्ट किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया, इसके बाद दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई.

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जब राहुल गांधी के इस आरोप पर नायडू से पूछा गया कि क्या भारत अमेरिका के दबाव में झुक गया, तो उन्होंने कहा, “हमें किसी के सामने आत्मसमर्पण करने की जरूरत नहीं है. हमारे पास अपनी रणनीति है. ट्रंप को कौन नियंत्रित करेगा? वह जो चाहे बोलेंगे, लेकिन पीएम मोदी की समझदारी की जीत हुई है. हम अनावश्यक विवाद नहीं चाहते, लेकिन अगर कोई हमारे पीछे आता है, तो हम जवाब देंगे.”

चंद्रबाबू नायडू ने यह भी कहा कि भारत सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन किसी “सिफारिश या समर्थन की आवश्यकता नहीं” है. उन्होंने कहा, “पीएम मोदी वैश्विक मंच पर एक बड़े नेता के रूप में उभर रहे हैं, जो भारत के लिए गर्व की बात है.”

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वक्फ अधिनियम पर क्या बोले चंद्रबाबू नायडू

वक्फ अधिनियम के मुद्दे पर, सीएम नायडू ने कहा कि यह वक्फ कानून मुस्लिम समुदाय के पक्ष में है और इसका उद्देश्य प्रशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार लाना है. उन्होंने कहा, “टीडीपी मुसलमानों सहित सभी धर्मों और समुदायों के लिए है. वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए होना चाहिए. अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह मुसलमानों के हित में है.”

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नायडू ने यह भी याद दिलाया कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान उनकी सरकार ने 13 जिलों में उर्दू को दूसरी भाषा घोषित किया था. विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस और एआईएमआईएम ने वक्फ अधिनियम को असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का नायडू ने किया समर्थन

नायडू ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार का भी समर्थन किया, जिसमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हर पांच साल में कराए जाएं. उन्होंने कहा, “हम शुरू से ही इसका समर्थन करते रहे हैं. बार-बार चुनाव कराना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. एक बार चुनाव हो जाने के बाद हम अगले पांच वर्षों तक प्रशासन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.”

नायडू ने बताया कि हाल ही में महाराष्ट्र और दिल्ली में एक ही साल में दो चुनाव हुए और अब बिहार में भी चुनाव होने हैं. उन्होंने कहा, “हमें कुछ चुनावी सुधारों की जरूरत है,” उन्होंने यह भी जोड़ा कि आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकारें सुचारू रूप से काम नहीं कर पातीं, इसलिए यह सुधार आवश्यक है.

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