महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की अचानक मौत पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सवाल खड़ा किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, "अजित दादा के एक्सीडेंट पर सवाल ज़रूर उठेंगे, सवाल उठने भी चाहिए. जिस तरह से अजित पवार जैसे नेता की प्लेन क्रैश में मौत हुई और जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उसकी जांच होनी चाहिए. मुझे लगता है कि यहां कुछ गड़बड़ है. ये सवाल अजित दादा की पार्टी उठा रही है. उनकी मौत संदिग्ध है. पर्दे के पीछे कुछ तो हुआ है."
संजय राउत ने आगे कहा, "अजित दादा ने कहा था कि वह 'घर लौटना' चाहते हैं, उसके बाद BJP के लोगों ने उन्हें सिंचाई घोटाले की फाइलों से धमकाया. अजित पवार ने फिर उन्हीं सिंचाई घोटाले की फाइलों पर उन्हें जवाब दिया. उसके 10 दिन के अंदर ही उनकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई. इससे हम क्या समझते हैं? यह हमें जस्टिस लोया की याद दिलाता है."
इससे पहले संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पार्टी के कुछ लोग उन्हें NCP के दोनों गुटों को यूनाइट करने से रोक रहे थे, क्योंकि इससे उनकी 'दुकानें बंद हो जातीं.'
'कई बैठकें हुई थीं...'
नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा, "अजित पवार ने अपनी NCP (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) और अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) को यूनाइट करने की पहल की थी और इस मकसद से कई बैठकें भी हुई थीं.
राउत ने कहा कि बुधवार को पुणे के पास बारामती में प्लेन क्रैश में मारे गए अजित पवार को आखिरी वक्त तक शरद पवार पर भरोसा था.
उन्होंने आगे दावा किया कि अगर NCP के दोनों ग्रुप्स का मर्जर होता है, तो शरद पवार के बीजेपी के साथ गठबंधन करने की संभावना कम है. राउत ने कहा, "अजित पवार की पार्टी के कुछ लोग उन्हें NCP के दोनों गुटों को एक होने से रोक रहे थे, क्योंकि इससे उनकी दुकानें बंद हो जातीं."
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एनसीपी की लीडरशिप पर सवाल...
संजय राउत ने कहा कि NCP 'पाटिल' (मराठी) लोगों की पार्टी है और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को यह पक्का करना चाहिए कि इसकी लीडरशिप 'पटेल' लोगों के पास न जाए, जो साफ तौर पर NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल की तरफ इशारा था.
इससे पहले, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी इसी तरह की बात कही थी कि NCP जैसी 'सच में मराठी पार्टी' का अध्यक्ष 'एक पाटिल होना चाहिए, न कि पटेल.'
संजय राउत ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बीजेपी लीडरशिप नहीं चाहती कि मराठी लोग और नेता एक साथ आएं क्योंकि वह 'बांटों और राज करो' की पॉलिसी अपनाना चाहती है.
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''बीजेपी के हाथ बागडोर...
शिवसेना (UBT) नेता ने आगे दावा किया कि चाहे NCP हो या डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, दोनों पार्टियों की कंट्रोल की बागडोर बीजेपी के हाथ में है. अपने पति अजित पवार की मौत के कुछ ही घंटों बाद सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेने के बारे में इशारा करते हुए, संजय राउत ने दिवंगत नेता का एक पुराना वीडियो पोस्ट किया.
वीडियो में, अजित पवार 2023 में पुणे के सांसद गिरीश बापट की मौत के बाद उपचुनाव को लेकर चल रही चर्चा का ज़िक्र कर रहे थे. कथित वीडियो में उन्होंने कहा था, "अगर किसी के परिवार में ऐसी कोई घटना (मौत) होती है, तो लोग 13 दिन (शोक की अवधि खत्म होने तक) इंतज़ार करते हैं." उस वक्त पुणे में उपचुनाव नहीं हुआ था.
शरद पवार ने शनिवार को दावा किया था कि अजित पवार ने NCP के गुटों के 'विलय' की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी और कहा कि अजित पवार की अचानक मौत के कारण इस प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है.
इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शरद पवार के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा होता, तो अजित पवार ने उन्हें इसकी जानकारी ज़रूर दी होती.
(पीटीआई के इनपुट के साथ)
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