ACM वीआर चौधरी बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख, आरकेएस भदौरिया की ली जगह

एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी दिसंबर 1982 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और उनके पास कई तरह के लड़ाकू और प्रशिक्षक विमानों पर 3,800 घंटे से अधिक का उड़ान का अनुभव है,

Advertisement
ACM वीआर चौधरी बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख ACM वीआर चौधरी बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST
  • दिसंबर 1982 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए वीआर चौधरी
  • लड़ाकू विमानों पर 3,800 घंटे से अधिक का उड़ान का अनुभव
  • आरकेएस भदौरिया 42 साल की सेवा के बाद आज रिटायर हुए

एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने आज गुरुवार को एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया से चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार ग्रहण कर लिया. वह वायुसेना के 27वें प्रमुख बने. 

आरकेएस भदौरिया 42 साल की सेवा के बाद आज भारतीय वायुसेना (IAF) में शीर्ष पद से सेवानिवृत्त हो गए और वे 36 राफेल और 83 मार्क 1 ए स्वदेशी तेजस जेट सहित दो मेगा लड़ाकू विमान सौदों के वास्तुकार थे.

Advertisement

वीआर चौधरी, जिन्होंने फील्ड फॉर्मेशन और एयर हेडक्वार्टर्स दोनों में कई अहम पदों पर काम किया है, तथा ऐसे समय में वायुसेना की कमान संभालेंगे जब देश अभी भी चीन के साथ सीमाओं पर गतिरोध की स्थिति में है. साथ ही अफगानिस्तान को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. 

चौधरी रूस से एस-400 जैसी आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों के संचालन के लिए भी जिम्मेदार होंगे, जिन्हें जल्द ही बेडे में शामिल किया जाएगा. चौधरी लड़ाकू विमान बेड़े के आधुनिकीकरण के लिए भी जिम्मेदार होंगे क्योंकि निकट भविष्य में अधिक स्वदेशी और विदेशी मूल के लड़ाकू विमानों को शामिल करने की योजना है.

इसे भी क्लिक करें --- Indian Air Force को मिलेंगे स्पेन के अत्याधुनिक 56 C-295 MW विमान, केंद्र की हरी झंडी

बेटे राफेल लड़ाकू विमान के पायलट

नए चीफ ऑफ एयर स्टाफ वीआर चौधरी, जिनके बेटे राफेल लड़ाकू विमान के पायलट हैं, ने भी भारतीय वायु सेना में राफेल को सुचारू रूप से शामिल करना सुनिश्चित किया क्योंकि अंबाला एयरपोर्ट वेस्ट एयर कमांडर के रूप में उनके अधीन था.

Advertisement

दिसंबर 1982 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और उनके पास कई तरह के लड़ाकू और प्रशिक्षक विमानों पर 3,800 घंटे से अधिक का उड़ान का अनुभव है, जिसमें 1980 के दशक में भारतीय वायुसेना की ओर से सियाचिन ग्लेशियर पर कब्जा करने के लिए किया गया ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन  सफेद सागर (1999 में कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा प्रदान की गई सहायता) भी शामिल है.

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (DSS), वेलिंगटन, के पूर्व छात्र चौधरी ने अपने करियर के दौरान एक फ्रंटलाइन फाइटर स्क्वाड्रन और एक फाइटर बेस की कमान संभाली है. उन्होंने डिप्टी सहित कई अन्य पदों कमांडेंट, वायु सेना अकादमी, असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टॉफ ऑपरेशंस (एयर डिफेंस) और असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टॉफ (पर्सनल ऑफिसर्स) पर भी कार्य किया है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »