सिंधु समझौता सस्पेंड होते ही एक्शन में मोदी सरकार, चिनाब नदी पर सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

सिंधु जल संधि को पाकिस्तान के साथ सस्पेंड करने के बाद मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा दिया है. एनएचपीसी ने सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है, जिससे भारत की ऊर्जा क्षमता को बड़ा बल मिलेगा.

Advertisement
भारत सरकार ने चिनाब पर 1856 मेगावाट बिजली वाला सावलकोट प्रोजेक्ट आगे बढ़ा दिया है. भारत सरकार ने चिनाब पर 1856 मेगावाट बिजली वाला सावलकोट प्रोजेक्ट आगे बढ़ा दिया है.

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के बाद मोदी सरकार ने चिनाब नदी पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा प्रोजेक्ट की दिशा में अहम कदम उठाया है. सरकारी कंपनी एनएचपीसी (NHPC) ने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है.

एनएचपीसी ने चिनाब नदी पर बनने वाले इस सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए 5129 करोड़ रुपये की लागत से जुड़ा टेंडर खोला है. यह पूरा प्रोजेक्ट एक ही पैकेज के तहत तैयार किया जाएगा. टेंडर दस्तावेज के मुताबिक, इस पैकेज में डाइवर्जेंट टनल का निर्माण, एडिट, डीटी और कोफर डैम का निर्माण शामिल है.

Advertisement

इसके अलावा मांडिया नाला डीटी, इससे जुड़े सड़क निर्माण कार्य, राइट बैंक स्पाइरल टनल, एक्सेस टनल और डैम से जुड़े सभी सहायक कार्य भी इसी पैकेज का हिस्सा होंगे. यह प्रोजेक्ट चिनाब नदी पर बिजली उत्पादन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

एनएचपीसी के टेंडर के अनुसार, इस परियोजना के लिए बोली 12 मार्च से शुरू होगी और 20 मार्च तक चलेगी. बोली की वैधता अवधि 180 दिन रखी गई है. वहीं, निर्माण कार्य को पूरा करने की समयसीमा 3285 दिन तय की गई है.

सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से कुल 1856 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ देश की पावर ग्रिड को भी मजबूत करेगा.

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस प्रोजेक्ट को भारत की रणनीतिक और आर्थिक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. चिनाब नदी पर यह परियोजना भारत के जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement