मणिपुर के 2 जिलों से 9 उग्रवादी गिरफ्तार, वसूली और हथियारों की तस्करी में थे शामिल

मणिपुर में सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. इसी बीच, सुरक्षाबलों ने पूर्वी इंफाल और थौबल जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी.

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मणिपुर में 9 उग्रवादी गिरफ्तार. मणिपुर में 9 उग्रवादी गिरफ्तार.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:42 AM IST

मणिपुर में सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. इसी बीच, सुरक्षाबलों ने  पूर्वी इंफाल और थौबल जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि अपहरण और वसूली गतिविधियों में शामिल प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नोयोन) के चार सक्रिय सदस्यों को शुक्रवार को थौबल जिले के चिंगडोम्पोक इलाके से गिरफ्तार किया गया.

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एक अन्य ऑपरेशन में, सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को इंफाल पूर्वी जिले के खाबेइसोई इलाके से जबरन वसूली गतिविधि में शामिल केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने शुक्रवार को इंफाल पूर्वी जिले के नुंगोई अवांग लीकाई इलाके से यूएनएलएफ (पामबेई) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा, ''गिरफ्तार व्यक्ति इम्फाल शहर और उसके आसपास वसूली गतिविधियों और हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में शामिल था.'' 

यह भी पढ़ें: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन तो सिर्फ टाइमपास है, समस्या का राजनीतिक हल क्या है?

सूबे में लागू हुआ राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में बीरेन सिंह के सीएम पद से इस्तीफे के बाद अब सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा के चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है. बीते रविवार को बीरेन सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए बीजेपी नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया था. मणिपुर प्रभारी संबित पात्रा बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे थे. हालांकि अब सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है.

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संविधान के अनुच्छेद 174(1) के अनुसार राज्य विधानसभाओं को अपनी अंतिम बैठक के छह महीने के भीतर बुलाना अनिवार्य है. मणिपुर में पिछला विधानसभा सत्र 12 अगस्त 2024 को बुलाया किया गया था. लेकिन बीते दिन यानी बुधवार को विधानसभा सत्र बुलाने की समय सीमा खत्म हो गई.

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