'टीचर... बचाओ टीचर!' पहाड़ी पर गूंजी मासूमों की आवाज; पेड़ों के बीज बोने गए थे स्कूली बच्चे, अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

महाराष्ट्र के सतारा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आई है, जहां कराड के आगाशिव पहाड़ पर पर्यावरण संरक्षण के नेक मकसद से गए स्कूली बच्चे अचानक प्रकृति के ही एक और रूप के प्रकोप का शिकार हो गए. सीड बॉलिंग (बीज बोने) के अभियान के दौरान अचानक सैकड़ों मधुमक्खियों ने मासूम छात्रों पर धावा बोल दिया. इस अचानक हुए हमले से पूरी पहाड़ी पर कोहराम मच गया.

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मधुमक्खियों के हमले में 30 से 40 स्कूली बच्चे घायल.(Photo:Screengrab) मधुमक्खियों के हमले में 30 से 40 स्कूली बच्चे घायल.(Photo:Screengrab)

aajtak.in

  • सतारा,
  • 11 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पर्यावरण संरक्षण के तहत बीज बोने के अभियान में शामिल होने आगाशिव पहाड़ पर पहुंचे स्कूली छात्रों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले में 30 से 40 छात्र घायल हो गए. सभी घायलों को तुरंत कराड के वेणुताई चव्हाण उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

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दरअसल, कराड के आगाशिव पहाड़ पर मलकापुर के एक स्कूल के छात्र पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बीज बोने के अभियान में शामिल होने पहुंचे थे. अभियान चल ही रहा था कि अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने छात्रों पर हमला बोल दिया.

मधुमक्खियों के हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागने लगे. "टीचर... टीचर..." चिल्लाते हुए छात्र मदद की गुहार लगा रहे थे. कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.

घटना के तुरंत बाद शिक्षकों ने सूझबूझ दिखाते हुए छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और सभी घायल छात्रों को तत्काल कराड के वेणुताई चव्हाण उपजिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया.

इस घटना में करीब 30 से 40 छात्र घायल हो गए. कई छात्रों को मधुमक्खियों ने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर डंक मार दिए, जिनका डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है. फिलहाल सभी छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है.

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पर्यावरण संरक्षण जैसे सराहनीय अभियान के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर जंगल और पहाड़ी इलाकों में आयोजित किए जाने वाले ऐसे कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों की अहमियत को उजागर कर दिया है.

फिलहाल सभी घायल छात्रों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इस घटना के बाद स्कूलों द्वारा जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.  (रिपोर्ट: सकलेन मुलाणी)

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