महाराष्ट्र में अजीत पवार के प्लेन हादसे की जांच को लेकर हालिया फैसलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. एनसीपी (एसपी) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले की कड़ी आलोचना की है, जिसमें केंद्र की मोदी सरकार से इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को कराने की सिफारिश की गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच का अनुरोध किया है.
विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रोहित पवार ने कहा कि सीबीआई के पास पहले से हजारों मामले लंबित हैं और उनमें लंबे समय से जांच जारी है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जांच के नाम पर केवल समय बर्बाद नहीं किया जाएगा और राज्य की सीआईडी खुद इस मामले की जांच कर सकती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि विमान हादसे से जुड़ी केवल 30 प्रतिशत जानकारी ही पब्लिक की गई है, जबकि बाकी 70 प्रतिशत जानकारियां अभी भी उनके पास सुरक्षित है.
रोहित पवार ने ब्लैक बॉक्स जलने की खबरों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके पास ब्लैक बॉक्स की तस्वीरें उपलब्ध हैं, जिससे इस दावे पर संदेह पैदा होता है. विधानसभा में भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि यह पहला सत्र है जिसमें अजीत पवार मौजूद नहीं हैं. उन्होंने अपने चाचा की याद करते हुए बताया कि वे सदन में हमेशा सबसे पहले आते और सबसे अंत में जाते थे.
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एनसीपी (एसपी) के ही विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भी जांच में देरी और ब्लैक बॉक्स के जलने के दावे पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह सबसे बड़ा संदेह है जो जांच की निष्पक्षता पर सोचने के लिए मजबूर करता है.
आगे रोहित पवार ने विश्वास जताया कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन एकजुट है और आगामी राज्यसभा चुनाव में सभी दल एक साथ खड़े रहेंगे. इस बयान से गठबंधन के मजबूत होने की बात सामने आई है.
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