मुंबई में बेस्ट कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से शुक्रवार को शहर की बस सेवा बुरी तरह ठप रही. इसकी वजह से रोज इन बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सुबह से ही भारी परेशानी झेलनी पड़ी.
मुंबई की पहचान मानी जाने वाली लाल बसें सड़कों से पूरी तरह गायब रहीं. कई यात्री जब रोज की तरह बस स्टॉप पहुंचे, तब जाकर उन्हें हड़ताल का पता चला. अचानक बसें बंद होने के कारण लोगों को मजबूरन ऑटो, टैक्सी और दूसरी गाड़ियों का सहारा लेना पड़ा.
कुर्ला में बस का इंतजार कर रहे टीचर सुरेंद्र यादव ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि सुबह जैसे ही मैं रेलवे स्टेशन से बाहर आया, तो पता चला कि हड़ताल है. इससे बहुत दिक्कत हो रही है क्योंकि यही स्कूल और ऑफिस जाने का समय होता है.
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बिना किसी सूचना के शुरू हुई हड़ताल
कुर्ला के ही रहने वाले बशीर खान ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'हड़ताल को लेकर पहले से कोई घोषणा नहीं की गई थी. मैं पिछले 45 मिनट से बस का इंतजार कर रहा हूं. प्रशासन को लोगों को पहले ही बताना चाहिए था, ताकि हम कोई दूसरा इंतजाम कर पाते.'
वहीं, पंकज मेहरे ने बताया कि बेस्ट डिपो में कहीं भी कोई ऐसा नोटिस नहीं लगाया गया था, जिससे आम लोगों को इस हड़ताल की भनक लग सके. ऐसा ही नजारा अंधेरी रेलवे स्टेशन के बाहर भी देखने को मिला. जो लोग रोज MIDC और अंधेरी ईस्ट के SEZ इलाके में जाने के लिए बसों का इंतजार करते थे, वे ऑटो रोकने के लिए काफी मशक्कत करते नजर आए.
ऑटो और कैब के लिए मची मारामारी
अंधेरी में यात्रियों को आसानी से ऑटो भी नहीं मिल पा रहे थे. गीतांजलि देशमुख ने बताया कि उन्हें जेबी नगर जाना था. वे और उनकी सहेली करीब आधे घंटे तक ऑटो के लिए खड़ी रहीं, तब जाकर उन्हें ऑटो मिला. उन्होंने कहा कि हड़ताल की वजह से वे ऑफिस के लिए लेट हो गई हैं और उन्हें उम्मीद है कि उनके बॉस इस मजबूरी को समझेंगे.
वहीं, रीना सिंह को अंधेरी से साकीनाका जाना था. जब बस और ऑटो दोनों नहीं मिले, तो उन्होंने मोबाइल ऐप से बाइक बुक करने की कोशिश की, लेकिन भारी डिमांड के कारण वहां भी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा.
नवी मुंबई की बस में चढ़ने के लिए मची होड़
इस बीच एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हड़ताल के बीच नवी मुंबई महानगरपालिका की एक बस जैसे ही अंधेरी पहुंची, उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों की भीड़ टूट पड़ी. बस पहले से ही खचाखच भरी थी, फिर भी लोग दरवाजे पर लटक गए.
भीड़ को देखते हुए ड्राइवर ने बस रोक दी और स्पष्ट कह दिया कि ये एसी बस तब तक आगे नहीं बढ़ेगी, जब तक इसका ऑटोमेटिक दरवाजा बंद नहीं हो जाता. उसने आगे बताया कि कंडक्टर ने यात्रियों से नीचे उतरने की मिन्नत की और बात ना मानने पर पुलिस बुलाने की चेतावनी भी दे दी. इसके बावजूद यात्री उतरने को तैयार नहीं हुए और एक-दूसरे से थोड़ा एडजस्ट होने की अपील करने लगे. काफी मान-मनौव्वल के बाद किसी तरह दरवाजा बंद हुआ और बस आगे बढ़ सकी.
क्या हैं BEST कर्मचारियों की मांगें?
बेस्ट कर्मचारियों ने ये हड़ताल सैलरी बढ़ोतरी, पेंशन और अपनी दूसरी मांगों को लेकर शुरू की है. साथही कर्मचारियों की मांग है कि बेस्ट के बजट को बीएमसी के बजट के साथ जोड़ा जाए, रिटायर्ड कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एक ही बार में पूरा भुगतान हो, साल 2016 से 2026 तक के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं और परिवहन और बिजली विभाग में कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था को पूरी तरह खत्म किया जाए.
इस आंदोलन की शुरुआत बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति की तरफ से की गई है, जिसमें 12 कर्मचारी संगठन एक साथ शामिल हैं.
आपको बता दें कि लोकल ट्रेन के बाद बेस्ट मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन सेवा है, जिससे रोजाना करीब 25 लाख यात्री सफर करते हैं. इस बीच मुंबई पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन में रुकावट डालने या बेस्ट की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विद्या