महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने नगर निगम चुनावों के बाद कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम (KDMC) में गठबंधन किया है. ऐसे में मनसे नेता बाला नांदगावकर ने गुरुवार को कहा कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है. हालांकि संजय राउत ने इस गठबंधन को लेकर कहा कि राज ठाकरे इससे संतुष्ट नहीं थे.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि केडीएमसी में ये गठबंधन राज ठाकरे को मंजूर नहीं था. राउत ने कहा कि उनकी पार्टी अत्यधिक अस्थिरता की स्थिति में बीजेपी के साथ तो हाथ मिला सकती है, लेकिन एकनाथ शिंदे के साथ कभी नहीं.
नांदगावकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों ही अनुभवी नेता हैं. ऐसे में उन्हें ये बताने की जरूरत नहीं है कि क्या करना चाहिए. इस सवाल पर कि इसकी क्या गारंटी है कि मुंबई जैसे हालात कल्याण-डोम्बिवली में नहीं होंगे? नांदगावकर ने कहा, 'इस पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा. राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है.'
उन्होंने कहा, 'जिस तरह चंद्रपुर में बीजेपी और कांग्रेस एक साथ हैं, उसी तरह कोंकण में शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) भी एक साथ आ गए हैं. हमने स्थानीय नेतृत्व को फैसला लेने का अधिकार दिया था और उसी के मुताबिक फैसले लिए गए.'
राज ठाकरे को मंजूर नहीं गठबंधन!
नांदगावकर ने ये भी बताया कि पार्टी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले संगठन के साथ गठबंधन को लेकर स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई के बारे में सोच रही है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस दौरान दावा किया कि कल्याण-डोम्बिवली में जो हुआ वो एमएनएस का रुख नहीं है और राज ठाकरे को भी ये मंजूर नहीं था.
राउत ने कहा कि अगर मनसे के स्थानीय नेतृत्व को ऐसा गठबंधन चाहिए था, तो आपको (स्थानीय नेतृत्व को) कल्याण-डोम्बिवली में शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था.' शिवसेना ने गठबंधन के लिए उनकी पार्टी से संपर्क किया था, इन खबरों को लेकर राउत ने आगे कहा, 'हम किसी ऐसी जगह पर बीजेपी के साथ जा सकते हैं जहां ज्यादा अस्थिरता हो, लेकिन शिंदे के साथ कभी नहीं जाएंगे.'
उन्होंने कहा, 'अगर कोई दूसरा ऑप्शन है, तो पार्टी प्रमुख फैसला लेंगे. उद्धव ने भी मुझे इसके बारे में बताया था. उन्हें भी पता है कि अभी क्या हो रहा है.'
मनसे के 5 पार्षदों ने शिवसेना को किया सपोर्ट
बीजेपी के साथ गठबंधन और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे के पांच पार्षदों ने शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया. शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने नगर निगम चुनाव गठबंधन में लड़ा था. ऐसे में ठाणे जिले की केडीएमसी में एक नया राजनीतिक समीकरण उभर कर सामने आया.
इन चुनावों में शिवसेना ने कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम चुनावों में 53 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि बीजेपी ने 50 सीटें, शिवसेना (यूबीटी) ने 11 सीटें, कांग्रेस ने दो सीटें, एमएनएस ने पांच सीटें और एनसीपी (एसपी) ने एक सीट अपने नाम की.
aajtak.in