भारतीय कोस्ट गार्ड ने इस महीने की शुरुआत में मुंबई तट के पास समुद्र में ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों को जब्त किया है, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में थे. इन जहाजों में से एक, एमटी डामर स्टार (MT Asphalt Star), 20 से 28 जनवरी के बीच पाकिस्तान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में मौजूद था. इस दौरान जहाज ने 11 घंटों तक अपने एआईएस (AIS), वीएचएफ (VHF) और सभी सेंसर बंद कर दिए थे, जिसे कोस्ट गार्ड ने बेहद संदिग्ध माना है.
कोस्ट गार्ड द्वारा मुंबई के येलो गेट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, ये टैंकर ईंधन और पेट्रोलियम की तस्करी में शामिल थे. 4 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक सर्वे के दौरान माली के झंडे वाले इस जहाज की संदिग्ध गतिविधियों का पता चला.
तलाशी के दौरान पता चला कि इन जहाजों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय समुद्री क्षेत्र में अवैध रूप से फ्यूल ट्रांसफर किया था.
पाकिस्तान की सीमा में छिपाई पहचान
कोस्ट गार्ड की एफआईआर से विशेष जानकारी मिली है कि एमटी डामर स्टार ने पाकिस्तानी समुद्री सीमा में पहचान छिपाकर संदिग्ध आवाजाही की थी. 28 जनवरी को करीब 11 घंटे तक सिस्टम बंद रखने का मकसद अपनी लोकेशन और पहचान को सीक्रेट रखना था. कोस्ट गार्ड अधिकारियों ने जब 5 फरवरी को तड़के 2 बजे इस जहाज से संपर्क किया, तो चालक दल ने दावा किया कि वे मंगलौर जा रहे हैं. हालांकि, संदेह होने पर सुबह 6 बजे की गई तलाशी में तस्करी के पुख्ता सबूत मिले.
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व्हाट्सएप के जरिए बातचीत...
जहाज के मास्टर श्याम बहादुर चौहान के मोबाइल फोन की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए. वह व्हाट्सएप के जरिए विदेशी ठिकानों पर मौजूद लोगों से लगातार निर्देश ले रहा था. जांच में सामने आया कि वह स्टार शिपिंग मैनेजमेंट के कैप्टन नवजोत और कंपनी के मालिक जोगिंदर सिंह बरार के संपर्क में था. जहाज का सिस्टम पिछले पोर्ट और गंतव्य के बारे में गलत जानकारी प्रसारित कर रहा था और इन्होंने माली के बामाको से जारी अस्थाई पंजीकरण का इस्तेमाल किया था.
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फर्जी दस्तावेजों से ईंधन का अवैध ट्रांसफर
जांच में तीन टैंकरों- एमटी डामर स्टार, एमटी अल जाफजिया और एमटी स्टेलर रूबीके बीच मिलीभगत का पता चला. 4 फरवरी को अरब सागर में इन जहाजों ने बिना किसी भारतीय प्राधिकरण को सूचित किए 30 मीट्रिक टन भारी ईंधन (HFO) और 5473 मीट्रिक टन बिटुमेन (सड़क निर्माण वाला डामर) का अवैध ट्रांसफर किया. एमटी स्टेलर रूबी ने फर्जी पीएंडआई (P&I) प्रमाण पत्र के जरिए कारवार बंदरगाह में प्रवेश किया था, जबकि अल जाफजिया ने गुजरात के अलंग शिपब्रेकिंग यार्ड में घुसने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया.
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9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
कोस्ट गार्ड ने इस पूरी साजिश और अवैध तस्करी को लेकर नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. इनमें जहाज के मास्टर श्याम बहादुर चौहान, कैप्टन नवजोत, मालिक जोगिंदर सिंह बरार और अन्य अधिकारी शामिल हैं. इन पर भारतीय सीमा शुल्क अधिनियम, आईटी एक्ट, बीएनएस (BNS), मर्चेंट शिपिंग कानून और आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. येलो गेट पुलिस स्टेशन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है क्योंकि यह क्षेत्र समुद्री आर्थिक जोन के अधिकार क्षेत्र में आता है.
दिव्येश सिंह