महाराष्ट्र के कल्याण में उर्दू मीडियम के एक स्कूल की चार नाबालिग छात्राओं के लापता होने से परिजनों में हड़कंप मच गया था. लेकिन कल्याण पुलिस की तेज और तकनीकी जांच के चलते चारों छात्राओं को राजस्थान से सकुशल वापस लाया गया, पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है.
29 जून को कल्याण स्थित नेशनल उर्दू हाईस्कूल की कक्षा 8 की दो और कक्षा 9 की दो छात्राएं रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटीं, परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर बाजारपेठ पुलिस थाने में चारों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाजारपेठ पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई. छात्राओं की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गईं. जांच के दौरान पुलिस को अहम जानकारी मिली कि चारों छात्राएं ट्रेन से राजस्थान की ओर जा रही हैं. इसके बाद तुरंत रेलवे पुलिस से कॉर्डिनेट किया गया.
पुलिस की तत्परता के चलते राजस्थान के मारवाड़ रेलवे स्टेशन पर चारों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया गया. इसके बाद कल्याण पुलिस की विशेष टीम राजस्थान पहुंची और चारों छात्राओं को सकुशल कल्याण लेकर आई. प्रारंभिक जांच में पता चला कि छात्राएं अजमेर में दर्शन करने के उद्देश्य से घर से निकली थीं. समय रहते की गई जांच, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर कॉर्डिनेशन के कारण पुलिस चारों नाबालिग छात्राओं को सुरक्षित वापस लाने में सफल रही. इस पूरी कार्रवाई में सहायक पुलिस आयुक्त अशोक होनमाने की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
मिथिलेश गुप्ता