महाराष्ट्र: समीर वानखेड़े को डबल झटका, मुंबई पुलिस ने समन भेजा, हाई कोर्ट ने रद्द की याचिका

आरोप है कि समीर वानखेड़े को मुंबई के होटल सद्गुरु में बार का लाइसेंस तब मिल गया था, जब उनकी उम्र महज 17 साल थी. जबकि बार लाइसेंस के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 21 साल है.

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समीर वानखेड़े (File Photo) समीर वानखेड़े (File Photo)

विद्या / प्रमोद माधव / दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 22 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:57 PM IST
  • कलेक्टर के आदेश के खिलाफ वानखेड़े ने लगाई थी याचिका
  • कोर्ट ने पूछा बिना मेंशन किए याचिका लिस्ट कैसे हुई?

चर्चित IRS अधिकारी और एनसीबी (NCB) मुंबई के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को मुंबई पुलिस के सामने हाजिर होने का समन जारी किया गया है. मुंबई के ठाणे स्थित कोपारी पुलिस स्टेशन में 23 फरवरी को उन्हें तलब किया गया है. यह समन बार लाइसेंस लेने के लिए फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के मामले में जारी किया गया है. इस मामले में उनके खिलाफ पूर्व में FIR भी दर्ज की जा चुकी है. ठाणे के कलेक्टर ने इस मामले में हाल ही में नवी मुंबई में स्थित बार का लाइसेंस भी रद्द किया था.

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समीर वानखेड़े ने कलेक्टर के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और प्रक्रिया पूरी करने को कहा. हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि याचिका मेंशन किए बिना ही लिस्ट कैसे हो गई. प्रभावशाली व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है. कोर्ट याचिका पर सुनवाई नहीं करेगा.

इसके अलावा उन्होंने इस केस में गिरफ्तारी के खिलाफ भी याचिका लगाई थी. विरोधी पार्टी ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. उन्होंने कोर्ट से कहा था कि जब अपराध हुआ, तब वे नाबालिग थे. अब राजनीति के चलते उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

नवाब मलिक ने लगाया था वानखेड़े पर आरोप

मुंबई पुलिस ने समीर वानखेड़े के खिलाफ उम्र छिपाकर बार लाइसेंस बनवाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है. यह केस महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कोपारी पुलिस थाने में दर्ज की गई. इससे पहले महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मालिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े के पास नवी मुंबई में एक बार है. इसके लिए उन्हें कम उम्र में लाइसेंस मिला था. मलिक ने दावा किया था कि वानखेड़े 17 साल के थे, जब उन्हें नवी मुंबई के होटल सद्गुरु में बार का लाइसेंस मिला था.

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1997 में दिया गया था लाइसेंस

शुरुआती जांच में पता चला है कि समीर वानखेड़े को 27 अक्टूबर, 1997 को एक बार और रेस्तरां के लिए लाइसेंस दिया गया था. उस वक्त समीर वानखेड़े महज 17 साल के थे. जबकि बार लाइसेंस लेने के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल है.

बता दें कि इसी साल की शुरुआत में समीर वानखेड़े के बार और रेस्तरां का शराब बिक्री लाइसेंस ठाणे जिला के कलेक्टर ने रद्द कर दिया था. नवी मुंबई इलाके के वाशी में सदगुरु फैमिली बार और रेस्तरां समीर वानखेड़े और उनके परिवार का है. ठाणे के एसपी आबकारी, नीलेश सांगदे ने लाइसेंस रद्द होते समय बताया था कि सद्गुरु होटल और बार का लाइसेंस डीएम के आदेश पर रद्द कर दिया गया है. इससे पहले डीएम ने समीर वानखेड़े को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. 

वानखेड़े पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे

इससे पहले समीर वानखेड़े पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. ये आरोप क्रूज केस के एक स्वतंत्र गवाह ने ही लगाए थे. किरण गोसावी के बॉडीगार्ड रहे प्रभाकर सैल ने दावा किया था कि शाहरुख खान के बेटे को छोड़ने के लिए 25 करोड़ की डील पर बात हो रही थी और आखिर में 18 करोड़ में डील फाइनल हुई थी, जिसमें से 8 करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को मिलने थे. इसके बाद महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े के खिलाफ एक-एक कर ऐसे खुलासे किए कि समीर वानखेड़े मुश्किल में आ गए. यहां तक कि उनको आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस की जांच से भी हटा दिया गया था. नवाब ने कहा था कि समीर ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर NCB में नौकरी पाई थी. समीर के दो शादी करने की बात भी नवाब मलिक ने उठाई थी.

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