महाराष्ट्र के अकोला में एक भोंदू बाबा चमत्कार के नाम पर बेहद डरावना कृत्य करता था. वह बच्चों को दांतों से उठाता था. कीलों पर बैठाता था और लोग खामोशी से देखते रहते थे. जब वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस एक्टिव हुई. जांच-पड़ताल के बाद आरोपी को अमरावती से अरेस्ट कर लिया गया है.
मूर्तिजापुर तालुका के निंभा गांव में आरोपी चेतन सुनील मुले दरबार लगाता था. यहां वह दावा करता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं और वह बीमार लोगों को ठीक कर सकता है. लोग भी अंधविश्वास में आकर उसके पास इलाज के लिए पहुंचते थे.
लेकिन जो तस्वीरें सामने आईं, वे किसी डरावनी कहानी से कम नहीं थीं. वायरल वीडियो में देखा गया कि बाबा बच्चों के साथ अजीब और अमानवीय व्यवहार कर रहा था. वह छोटे बच्चों को उनके कपड़ों से पकड़कर हवा में घुमाता था, कुछ मामलों में उन्हें दांतों से पकड़ने की कोशिश करता था और यहां तक कि उन्हें कीलों पर बैठाने जैसी खतरनाक हरकतें भी करता था. हैरानी की बात यह थी कि वहां मौजूद लोग इसे चमत्कार मानकर देख रहे थे.
यह वीडियो इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ. जैसे ही यह मामला लोगों के सामने आया, पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया. लोगों ने इस तरह के अंधविश्वास और बच्चों के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
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बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रांजली मनोज जैस्वाल की शिकायत पर मूर्तिजापुर ग्रामीण पुलिस ने मामला दर्ज किया. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, बाल न्याय अधिनियम और महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून के तहत गंभीर धाराएं लगाई गईं.
मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था. इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई. पुलिस ने तकनीकी जांच और सूचना के आधार पर पता लगाया कि आरोपी अमरावती में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मूर्तिजापुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 1 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस दरबार में और कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई नेटवर्क था. पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे ढोंगी बाबाओं के बहकावे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें.
धनंजय साबले