10 साल तक रेप, जबरन गर्भपात और 1500 करोड़ की ठगी... ये है नासिक के भोंदू बाबा का काला सच

नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात का काला सच सामने आ चुका है. एक महिला के साथ वो 10 साल तक रेप करता रहा. जबरन उसका गर्भपात कराया. लेकिन उसके खिलाफ कोई कुछ नहीं बोलता था. वजह थी राजनीतिक संरक्षण. 1500 करोड़ की संपत्ति जुटाने वाले भोंदू बाबा की पूरी कहानी.

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भोंदू बाबा को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं (फोटो-ITG) भोंदू बाबा को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नासिक,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:13 PM IST

नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा ने भविष्य बताने और तंत्र-मंत्र की आड़ में अनगिनत महिलाओं के साथ यौन शोषण तो किया ही, लेकिन एक महिला के साथ तो उसने हदें ही पार कर दी. ये वही महिला है, जिसकी शिकायत पर अशोक खरात के खिलाफ रेप का पहला केस दर्ज हुआ था. क्या आप मानेंगे इस महिला के साथ अशोक खरात पिछले दस सालों से रेप करता रहा. यहां तक कि अशोक खरात की इन्हीं गिरी हुई करतूतों के चलते वो महिला गर्भवती हो गई थी. इसके बाद अशोक ने अपनी पोल खुल जाने के डर से उस महिला को गर्भपात की दवा दे दी थी.

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अब सवाल ये है कि अगर अशोक खरात इतनी महिलाओं के साथ इतने सालों से ज्यादती कर रहा था, तो महिलाएं इतने सालों तक चुप क्यों रहीं? तो इसका जवाब है अशोक खरात का पॉलिटिकल कनेक्शन. असल में अशोक खरात ने न्यूमरोलॉजी, एस्ट्रोलॉजी और तंत्र विद्या के नाम पर ऐसा माहौल बना रखा था कि बड़े बड़े नेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग उसके दरबार में पानी भरा करते थे. 

ऐसे में अगर अशोक खरात किसी से ज्यादती भी करता था, तो वो महिलाएं किसी के सामने मुंह खोलने तक से भी घबराती थीं. अब महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर के मामले को ही लीजिए. रुपाली चाकणकर की खरात के साथ कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं. जिनमें वो कहीं अशोक खरात के पांव धोती तो कभी उनके सिर पर छाता पकड़े हुए नजर आ रही हैं.

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नासिक के एक पत्रकार ने इल्जाम लगाया है कि जब उसने अशोक खरात को लेकर एक खबर प्रकाशित की, तो अशोक की तरफ से रुपाली चाकणकर ने उन्हें फोन किया और प्रभाव में लेने की कोशिश की. रुपाली ने उससे कहा कि वो अशोक के खिलाफ लिखी गई खबर का तुरंत खंडन प्रकाशित करें. रुपाली ने ये भी पूछा कि आखिर उसने अशोक खरात के बारे में ऐसी खबर छापने की हिम्मत कैसे की? रुपाली ने खरात को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वो अशोक खरात पर इल्जाम लगाने वाली पीड़ित महिला को तुरंत उसके सामने पेश करे, ताकि सच्चाई पता चल सके.

पत्रकार दत्ता खेमनार पूछते हैं कि जब महिला आयोग की कुर्सी पर रहते हुए रुपाली चाकणकर अशोक खरात जैसे इंसान को बचाने की कोशिश करे, तो फिर महिलाओं का क्या होगा? खेमनार ने कहा कि रुपाली चाकणकर अशोक खरात के ट्रस्ट की मेंबर भी थी और उनका नाम अशोक खरात के ट्रस्ट के बोर्ड में भी छपा हुआ था. हालांकि अब खरात की पोल खुलने के बाद रुपाली को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी है.

अब नासिक के सिनर इलाके के रहने वाले रामकृष्ण मदाने के मामले को लीजिए. एक समय रामकृष्ण मदाने को भी अपने घर में बच्चे का इंतजार था. वो अपनी पत्नी के साथ इसी परेशानी को लेकर अशोक खरात से मिलने गया था. तब खरात ने उसे और उसकी पत्नी को अपने ऑफिस में मिलने के बुलाया. लेकिन इसके बाद रामकृष्ण मदाने दोबारा उसके पास नहीं गया. जाहिर है अब खरात की करतूतों का सच सामने आने के बाद वो खुद को लकी महसूस कर रहा है.

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लोगों के डर और अपने प्रभाव का फायदा उठा कर अशोक खरात ने पिछले 20 सालों में करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये की संपत्ति इकट्ठा की. इल्जाम है कि ये ज्यादातर संपत्ति उसने उन लोगों को ठग कर जुटाई, जो लोग उससे अपनी परेशानी की शिकायत लेकर मिलने आते थे. आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुंभर दावा करते हैं कि ठगी-ठोरी से जुटाई गई खरात की ये संपत्ति पंद्रह सौ करोड़ रुपये से भी ज्यादा की होगी.

विजय कुंभर का कहना है खरात ने लोगों से लूटे गए पैसों से ही नासिक जिले के सिन्नर तालुका में शिवनिका ट्रस्ट की शुरुआत की, भगवान शंकर का मंदिर बनाया और एक आलिशान फार्म हाउस तैयार कर लिया. करीब 12 एकड़ में फैले इस फार्म हाउस में ऐसी-ऐसी चीजें लगाईं कि देखने वालों की आंखें चौंधिया जाएं. अशोक खरात ने इसी फार्म हाउस में इजरायल से लेकर टर्की तक से फर्नीचर मंगवाए और ऐशो आराम की जिंदगी जीने की शुरुआत कर दी.

फिलहाल, हालत ये है कि अशोक खरात के मामले की जांच पूरी रफ्तार पर है और उसकी मददगार के तौर पर कई लोग पुलिस की रडार पर आ चुके हैं, जिन्हें आने वाले वक्त में कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है.

(नासिक के ओमकार वाबले के साथ आजतक ब्यूरो)

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