नई तकनीक जहां लोगों की जिंदगी को आसान बना रही है, वहीं अपराधी भी इसका इस्तेमाल कर नए-नए तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एआई तकनीक की मदद से एक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर की आवाज की नकल कर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली गई. इस हाई प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा दिल्ली पुलिस की सरिता विहार थाना पुलिस ने किया है. पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
जानकारी के अनुसार मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर की आवाज को एआई तकनीक के जरिए कॉपी किया गया. इसके बाद उसी आवाज में कंपनी के डीजीएमओ को फोन किया गया. कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बताया और अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए. डीजीएमओ ने कॉल पर भरोसा करते हुए बताए गए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी.
9 लाख रुपये निकालने पहुंचे आरोपी से खुली पूरी साजिश
पुलिस के मुताबिक इस तरीके से कुल 63 अलग-अलग बैंक खातों में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई. मामला सामने आने के बाद मुंबई में कंपनी की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई और जांच शुरू हुई. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ठगी की रकम में से करीब 9 लाख रुपये निकालने की कोशिश दिल्ली के सरिता विहार इलाके में स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से की जा रही थी. पुलिस के अनुसार विकास नाम का युवक बैंक पहुंचा और चेक के जरिए पैसे निकालने का प्रयास किया. इस दौरान बैंक मैनेजर को कुछ संदिग्ध लगा.
बैंक मैनेजर ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत सरिता विहार थाने की पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में उसकी पहचान विकास के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और उसके चार अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया.
दिल्ली के सरिता विहार स्थित डीसीपी कार्यालय में पुलिस ने मामले की जानकारी साझा की. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर एआई तकनीक का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है. मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस मिलकर जांच कर रही हैं. दक्षिण-पूर्वी जिले के एडिशनल डीसीपी जसवीर सिंह ने बताया कि मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर की आवाज की एआई के जरिए नकल कर कंपनी के अधिकारी को फोन किया गया था. इसके बाद 63 अलग-अलग खातों में 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कराई गई.
उन्होंने बताया कि इसी रकम का एक हिस्सा दिल्ली के सरिता विहार स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से निकाला जा रहा था. बैंक मैनेजर को शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विकास को हिरासत में लिया और आगे की जांच में उसके चार अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय विकास, 21 वर्षीय वंश, 22 वर्षीय फैयाज आलम, 28 वर्षीय अमित और 23 वर्षीय बलवीर कुमार के रूप में की है. सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
सरिता विहार पुलिस ने पांच आरोपियों को दबोचा, कई अहम खुलासे
पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में दिल्ली में भी मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही मुंबई पुलिस के साथ लगातार समन्वय कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साइबर ठगी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. इस पूरे मामले का खुलासा सरिता विहार एसीपी अनिल शर्मा के निर्देशन में इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर वैभव सिंह, एसआई सतीश भाटी, हेड कांस्टेबल नितेश, कांस्टेबल ओमप्रकाश और मनीष की टीम ने किया.
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