मध्य प्रदेश चुनाव 2018: पंधाना में BJP ने फिर मारी बाजी, राम डोंगरे जीेते

मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव 2018 के बाद आज मतगणना पूरी हो चुकी है. प्रदेश की पंधाना विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राम डोंगरे और कांग्रेस की छाया मोरे के बीच मुकाबला था. इस सीट पर बीजेपी एक बार फिर जीत दर्ज करने में सफल हुई है.

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फोटो- रायटर्स फोटो- रायटर्स

श्याम सुंदर गोयल

  • भोपाल,
  • 11 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST

मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव 2018 के बाद आज मतगणना पूरी हो चुकी है. प्रदेश की पंधाना विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राम डोंगरे और कांग्रेस की छाया मोरे के बीच मुकाबला था. इस सीट पर बीजेपी एक बार फिर जीत दर्ज करने में सफल हुई है. राम डोंगरे को 91, 844 वोट मिले हैं. वहीं, छाया मोरे 68,094 वोट मिले. यहां तीसरे स्थान पर रुपाली नंदू बारे रहीं. उन्हें 25 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं.

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मध्य प्रदेश की पंधाना विधानसभा सीट खंडवा जिले में आती है. यह सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है. 2008 से पहले यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुआ करती थी.

यहां पर कुल 2 लाख 65 हजार से ज्यादा मतदाता हैं. इस सीट पर जाति समीकरण अहम है. यहां भील समाज के 45 हजार मतदाता हैं. साथ ही अनुसूचित जाति के 40 हजार मतदाता हैं. इस क्षेत्र में गुर्जर समाज का भी दबदबा है. बीते तीन चुनावों से इस सीट पर बीजेपी को जीत हासिल हुई है. कांग्रेस को आखिरी बार इस सीट पर जीत 1998 में मिली थी.

2013 और 2008 में मिली थी बीजेपी को जीत

इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है. बीजेपी की योगिता नवल सिंह बोरकर यहां की विधायक हैं. 2013 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के नंदू बारे को 17 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. इस चुनाव में योगिता बोरकर को जहां 89732 वोट मिले थे तो वहीं नंदू बारे को 72471 वोट मिले थे.

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2008 के चुनाव की बात करें तो इस बार भी बीजेपी को जीत मिली थी, बीजेपी के अनार भाई वास्कले ने 3 हजार से ज्यादा वोटों से कांग्रेस के नंदू बारे को हराया था. अनार भाई को इस चुनाव में 53064 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के नंदू बारे को 49671 वोट मिले थे.

2013 में विधानसभा की क्या थी तस्वीर

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 35 सीट अनुसूचित जाति जबकि 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 148  गैर-आरक्षित सीटें हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 165 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 58 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 4 जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी.

कितने लोगों ने किया मताधिकार का प्रयोग

निर्वाचन आयोग के मुताबिक 2013 में मध्य प्रदेश में कुल 4,66,36,788 मतदाता थे जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 2,20,64,402 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,45,71,298 और अन्य वोटर्स 1088 थे. 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

वोटिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस बार मध्य प्रदेश में 75.05 फीसदी मतदान हुआ. जबकि 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 4 फीसदी बढ़कर 74.03 प्रतिशत रहा. 2013 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 70.11 प्रतिशत रहा था.

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इसके पहले कैसा रहा है वोटिंग का प्रतिशत...

1990 में स्व. सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में भाजपा मैदान में उतरी और 4.36 फीसदी वोट बढ़ गए. तत्कालीन कांग्रेस की सरकार को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव में उतरी तो 6.03 प्रतिशत मतदान बढ़ा और बीजेपी की पटवा सरकार हार गई थी.

वहीं, 1998 में वोटिंग प्रतिशत 60.22 रहा था जो 1993 के बराबर ही था. उस वक्त दिग्विजय सिंह की सरकार बनी. लेकिन 2003 में उमा के नेतृत्व में भाजपा सामने आई और दिग्विजय सिंह की 10 साल की सरकार सत्ता से बाहर हो गई. उस वक्त भी 7.03 प्रतिशत वोट बढ़े थे.

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