बुंदेलखंड के लोकगायक देशराज पटेरिया का निधन, सीएम शिवराज ने जताया शोक

67 साल के पटेरिया मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे के साप तिटानी गांव के निवासी थे. 4-5 सितंबर की रात पटेरिया को दिल का दौरा पड़ा.

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देशराज पटेरिया (फाइल फोटोः ट्विटर) देशराज पटेरिया (फाइल फोटोः ट्विटर)

लोकेश चौरसिया

  • छतरपुर,
  • 05 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 4:07 PM IST
  • दिल की गति रुकने से हुआ निधन
  • 67 साल के थे देशराज पटेरिया
  • कमलनाथ ने भी जताया शोक 

बुंदेलखंड के लोकप्रिय लोकगीत गायक देशराज पटेरिया का निधन हो गया है. वे 67 साल के थे. पटेरिया के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है.

बताया जाता है कि 67 साल के पटेरिया मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे के साप तिटानी गांव के निवासी थे. 4-5 सितंबर की रात पटेरिया को दिल का दौरा पड़ा. दिल का दौरा पड़ने पर परिजनों ने पटेरिया को छतरपुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया था.

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अस्पताल में पटेरिया को अगले सुबह 3.15 बजे फिर से दिल का दौरा पड़ा. डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया, लेकिन पटेरिया को बचाया नहीं जा सका. दिल की गति रुकने के कारण पटेरिया का निधन हो गया. देशराज पटेरिया के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शोक व्यक्त किया है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा है कि वे बुंदेली लोकगीतों में अपनी अनूठी गायकी से प्राण फूंक देते थे. उनके निधन से संगीत जगत ने अपना एक सितारा खो दिया. मुख्यमंत्री चौहान ने कुछ गीतों का जिक्र करते हुए कहा है कि ये गीत, संगीत की अमूल्य निधि हैं.

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पटेरिया के निधन को कला क्षेत्र की बड़ी क्षति बताया है. उन्होंने कहा है कि पटेरिया ने अपनी गायकी से आंचलिक लोक गायन को समृद्ध किया.

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बता दें कि पटेरिया देश के साथ ही विदेशों में भी लोकप्रिय थे. उनकी गायकी के दीवाने दुनिया के कई देशों में हैं. लोकगायक पटेरिया को आकाशवाणी से पहचान मिली थी. उनके निधन की खबर से छतरपुर के साथ ही पूरे बुंदेलखंड में शोक की लहर दौड़ गई.

 

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