अब पढ़ाई के लिए नहीं जाना होगा बाहर... J&K विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पास, उमर अब्दुल्ला ने बताया 'मील का पत्थर'

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार ने विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पास कर दिया है, जिसे केंद्र शासित प्रदेश के शैक्षिक ढांचे में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के भविष्य के लिए 'गेम चेंजर' बताया है.

Advertisement
J&K में खुलेंगे निजी विश्वविद्यालयों के द्वार.(Photo:ITG) J&K में खुलेंगे निजी विश्वविद्यालयों के द्वार.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • श्रीनगर,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

जम्मू और कश्मीर विधानसभा ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पास कर दिया. यह बिल केंद्र शासित प्रदेश में प्राइवेट संस्थान खोलने से जुड़ा है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बिल के पास होने को केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया.

बिल पेश करते हुए शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के छात्रों को उनके घर के पास ही विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराना है.

Advertisement

उन्होंने जोर दिया कि अब तक यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब प्रतिष्ठित संस्थान यहीं अपने कैंपस स्थापित कर सकेंगे. बिल में छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा की क्वालिटी अच्छी करने के कड़े प्रावधान किए गए हैं.

सदन में चर्चा के दौरान मीर सैफुल्लाह, तनवीर सादिक और बलवंत सिंह मनकोटिया जैसे विधायकों ने कुछ संशोधनों के प्रस्ताव रखे थे. हालांकि, सरकार की ओर से चिंताओं के समाधान के आश्वासन के बाद अधिकांश सदस्यों ने अपने संशोधन वापस ले लिए और बिल को ध्वनि मत से पास कर दिया गया.

इसी सत्र के दौरान कृषि मंत्री जावेद अहमद डार ने 'जम्मू और कश्मीर जन विश्वास (द्वितीय) बिल' पेश किया. इस बिल का उद्देश्य कुछ पुराने कानूनों को निरस्त करना और छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाना है, जिससे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'जीवन जीने में आसानी' को बढ़ावा मिल सके.

Advertisement

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "यह बिल जम्मू-कश्मीर को शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. हम नवाचार को बढ़ावा देने और अनुसंधान के लिए एक जीवंत माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.''

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »