J-K: हिरासत से छूटे नेताओं ने की बैठक, आने वाले चुनावों पर हुई चर्चा

5 अगस्त के बाद से ही राज्य में कर्फ्यू की स्थिति थी, लेकिन अब अधिकतम जगह से पाबंदियों को हटा दिया गया है. 3 अक्टूबर से ही कश्मीर के सभी स्कूल भी खुल रहे हैं, ऐसे में घाटी में सुरक्षा को बढ़ाया गया है.

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श्रीनगर में अभी भी तैनात हैं सुरक्षाकर्मी (फोटो: AP) श्रीनगर में अभी भी तैनात हैं सुरक्षाकर्मी (फोटो: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

  • कश्मीर घाटी में आज खुले रहे स्कूल
  • 5 अगस्त के बाद अब खुले स्कूल
  • हिरासत से छूटे नेताओं ने की बैठक

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं. 5 अगस्त के बाद से ही राज्य में कर्फ्यू की स्थिति थी, लेकिन अब अधिकतम जगह से पाबंदियों को हटा दिया गया है. 3 अक्टूबर से एक बार फिर कश्मीर के सभी स्कूल भी खुल रहे हैं, ऐसे में घाटी में सुरक्षा को बढ़ाया गया है.

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हिरासत से छूटे नेताओं ने की बैठक

गांधी जयंती के अवसर पर जम्मू में हिरासत में चल रहे कई नेताओं को छोड़ दिया गया. कुछ नेता हिरासत में थे, कुछ नज़रबंद थे. इसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने बैठक की, इसमें आने वाले ब्लॉक डेवलेपमेंट काउंसिल के चुनाव पर चर्चा की.

प्रशासन की तरफ से नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (J&K NPP) जैसे राजनीतिक दलों के नेताओं को जम्मू में मुक्त कर दिया गया था. इनमें NC के देवेंद्र राणा व एसएस सलाथिया, कांग्रेस के रमन भल्ला और पैंथर्स पार्टी के नेता हर्षदेव सिंह की नजरबंदी समाप्त कर दी गई.

अभी भी नज़रबंद हैं घाटी के नेता

प्रशासन की तरफ से भले ही जम्मू के नेताओं को छूट दी गई है. लेकिन घाटी के नेता अभी भी नज़रबंद हैं. इनमें , ताकि ये घाटी में कोई राजनीतिक कार्यक्रम ना कर पाएं.

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अभी घाटी में कितनी हैं पाबंदियां?

5 अगस्त को जब अनुच्छेद 370 हटाई गई तो जम्मू और कश्मीर में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था. लेकिन कुछ दिनों के बाद , फिर स्कूल भी खोल दिए गए. हालांकि, कश्मीर घाटी में धीरे-धीरे पाबंदियों को हटाया जा रहा है. पहले यहां टेलिफोन की पाबंदियों को कम किया गया, फिर अब स्कूल खोले जा रहे हैं.

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