जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में प्रशासन ने रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) शिशिर गुप्ता ने सुरक्षा और जनस्वास्थ्य का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि इसे वापस न लिया जाए या नया आदेश जारी न हो.
डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने से तेज आवाज के कारण गंभीर ध्वनि प्रदूषण होता है. इससे सांस संबंधी समस्याएं, हृदय संबंधी जटिलताएं और नींद में बाधा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं. इसके अलावा बुजुर्गों, शिशुओं, मरीजों और छात्रों को भी इससे काफी परेशानी होती है.
प्रशासन ने यह भी कहा कि देर रात पटाखों की आवाज सुरक्षा बलों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा करती है. शोपियां जैसे संवेदनशील जिले में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान अचानक होने वाली तेज आवाज सुरक्षा बलों की सतर्कता और ऑपरेशन की क्षमता को प्रभावित कर सकती है. इससे सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी बाधा आती है.
आदेश में कहा गया है कि देर रात पटाखे फोड़ने से सार्वजनिक शांति भंग होती है और क्षेत्र की सुरक्षा, शांति तथा व्यवस्था पर खतरा उत्पन्न होता है. ऐसी स्थिति में तत्काल निवारक कार्रवाई की आवश्यकता है.
इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत शोपियां जिले की सीमा में रात 10 बजे के बाद सभी प्रकार के पटाखों, हवाई आतिशबाजी और सीरीज पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन ने लोगों से आदेश का पालन करने और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है.
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