हिसार में किसानों का बड़ा आंदोलन जारी, राकेश टिकैत मौजूद, एक किसान की मौत

हरियाणा के हिसार में किसानों के प्रदर्शन के दौरान एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. मरने वाले किसान की पहचान हिसार के ही उगालन गांव के अजायब सिंह के रूप में हुई है. उनकी उम्र 70 साल बताई जा रही है.

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हिसार में किसानों का प्रदर्शन जारी (फाइल फोटो) हिसार में किसानों का प्रदर्शन जारी (फाइल फोटो)

विजेंद्र कुमार

  • हिसार,
  • 24 मई 2021,
  • अपडेटेड 3:16 PM IST
  • आंदोलन के दौरान हार्ट अटैक से एक किसान की मौत
  • किसान नेता बोले- सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

हरियाणा के हिसार में किसानों के प्रदर्शन के दौरान एक किसान की मौत हो गई है. मरने वाले किसान की पहचान हिसार के ही उगालन गांव के अजायब सिंह के रूप में हुई है. उनकी उम्र 70 साल बताई जा रही है. प्रदर्शन में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि अजायब सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा.

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किसानों के इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत भी मौजूद हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान मुकदमे खारिज करवाकर ही हिसार से वापस जाएंगे. राकेश टिकैत ने कहा कि कोरोना काल में पुलिस और किसानों की भीड़ इकट्ठा होने के लिए हरियाणा सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि आज बड़े और कड़े फैसले लिए जाएंगे. 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि टिकरी-सिंघु के बाद हिसार में भी एक मोर्चा चलाएंगे, जबतक मुकदमे खारिज नहीं किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि चाहे महीना लगे या ज्यादा समय लेकिन किसान हिसार से वापस नहीं जाएगा, केंद्र कृषि कानून वापस लेने को तैयार नहीं और हरियाणा सरकार मुकदमे वापस लेने को तैयार नहीं इसलिए एक मोर्चा यहां भी चल जाएगा. 

इसी किसान आंदोलन को संबोधित करते हुए दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवन ने कहा कि किसानों पर मुकदम दर्ज करना हरियाणा सरकार की घिनौनी हरकत है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने पंचायत में समझौता होने के बाद भी किसानों पर दर्ज किए मुकदमे इसलिए हर हाल में उनको वापस करना ही होगा.

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निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवन ने कहा कि गोली, डंडे और बंदूक से ये आंदोलन खत्म नहीं हो सकता, सरकार को हर हालात में किसानों की बात माननी होगी, सरकार के पास हर बात का समाधान है, लेकिन सब कुछ चौपट कर दिया. 

क्या है मामला
बीती 16 मई को हिसार में सीएम मनोहर लाल खट्टर कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे. इस दौरान किसानों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था. इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच झड़प भी हुई थी. पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े थे. इस झड़प में दर्जनों किसान घायल हुए थे. इसमें 5 महिला कॉन्स्टेबल समेत 20 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. इस मामले में 350 किसानों पर आईपीसी की 11 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया था.

 

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