गुरुग्राम में टेनिस स्टार मारिया शारापोवा और माइकल शूमाकर के खिलाफ FIR दर्ज, जानें क्या है मामला

गुरुग्राम में एक महिला और अन्य ने बिल्डर और प्रोजेक्ट के प्रमोटर के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज कराया है. जिनपर केस हुआ उनमें इंटरनेशनल टेनिस प्लेयर मारिया शारापोवा और फार्मूला-1 के रेसर माइकल शूमाकर का भी नाम है.

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मारिया शारापोवा. -फाइल फोटो मारिया शारापोवा. -फाइल फोटो

कुमार कुणाल

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST
  • बिल्डर के ब्रोशर में मारिया शारापोवा और माइकल शूमाकर का था नाम
  • महिला और अन्य शिकायतकर्ताओं ने नाम देखकर किया था इन्वेस्ट

गुरुग्राम में कोर्ट के आदेश के बाद बादशाहपुर थाने में एक बिल्डर और उनके प्रमोटर्स में शामिल टेनिस स्टार मारिया शारापोवा और रेसर माइकल शूमाकर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. दिल्ली की रहने वाली महिला की शिकायत पर विश्वासघात और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था.

छतरपुर की रहने वाली शैफाली अग्रवाल ने दर्ज कराए गए शिकायत में बताया था कि 2013 में बिल्डर के ब्रोशर में मारिया शारापोवा और माइकल शूमाकर का नाम देख कर उन्होंने सेक्टर-73 के प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट किया था. महिला की शिकायत के बाद गुरुग्राम पुलिस ने बिल्डर और प्रमोटर के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 120 B के तहत एफआईआर दर्ज कर की मामले की जांच शुरू कर दी है. 

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महिला का ये है आरोप

महिला का आरोप है कि मेसर्स रियलटेक डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की ओर से लग्जरी घर के लिए प्रोजेक्ट में पैसा लगाने के लिए पहले विज्ञापन के जरिए लुभाया गया. इसके बाद बिल्डर की ओर से कई झूठे वादे भी किए गए. महिला ने बताया कि विज्ञापन में दिखाए गए तस्वीरों को देखकर उन्होंने इन्वेस्ट कर दिया. बिल्डर की ओर से बताया गया था कि यहां टेनिस अकादमी और स्पोर्ट्स स्टोर खोला जाएगा, लेकिन इन वादों को पूरा नहीं किया गया. इसके अलावा एक टावर के निर्माण की भी बात कही गई थी जिसका नाम माइकल शूमाकर वर्ल्ड टावर है. इसके बारे में विज्ञापनों और ब्रोशर में उल्लेख किया गया था.

आरोप है कि ये प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं किया गया. मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न सहने और धैर्य खोने के बाद महिला ने अन्य शिकायतकर्ताओं के साथ बिल्डर को कानूनी नोटिस भेजा. नोटिस में शिकायतकर्ताओं ने कंपनी को सूचित किया कि यदि वे जमा रकम को ब्याज सहित वापस करेंगे तो शिकायत वापस ली जाएगी. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अभी तक परियोजना को पूरा नहीं किया गया है जो कि आपराधिक साजिश की श्रेणी में आता है. 

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