'शिवालिक' और 'नंदा देवी' के बाद अब 'जग लाड़की' भी भारत आ गया है. कच्चे तेल का टैंकर लेकर 'जग लाड़की' गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा.
'जग लाड़की' आज सुबह करीब 10:30 बजे मुंद्रा पोर्ट के बाहरी समुद्री क्षेत्र में SPM पर पहुंचा. ये जगह गहरे समुंदर में होती है, जहां से बड़े जहाजों को किनारे तक लाए बिना ही तेल निकाला जा सकता है.
जैसे ही टैंकर अपनी तय जगह पर पहुंचा, वहां तैनात तकनीकी टीमों ने अपनी सुरक्षा जांच पूरी की. इसके बाद, प्रोटोकॉल के तहत मिड-सी ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
ये टैंकर UAE से लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) कच्चे तेल को फुजैराह बंदरगाह पर लादकर लाया गया. कुल लंबाई 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर वाले इस टैंकर का डेडवेट टन भार लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टन भार लगभग 84,735 टन है.
ये डिलीवरी उन प्रमुख रिफाइनरियों के लिए मददगार है जो आपूर्ति में बाधा के दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ऐसे शिपमेंट पर निर्भर करती हैं. अदानी पोर्ट्स मुंद्रा ने भारत की अहम ऊर्जा लाइनों की सुरक्षा में पोत की सुरक्षित बर्थिंग उपलब्ध कराता है.
कितना तेल लाया ये जहाज?
भारत सरकार के शिपिंग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने पहले ही बताया था कि भारतीय ध्वज वाला जहाज जग लाड़की 14 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से रवाना हुआ था. उन्होंने जानकारी दी थी कि ये जहाज लगभग 81,000 टन 'मुरबन' कच्चा तेल लेकर भारत आएगा.
इससे पहले दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करके भारत आ चुके हैं. 'शिवालिक' 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था तो वहीं, 'नंदा देवी' 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचा. ये दोनों जहाज करीब 92,712 टन एलपीजी लेकर भारत आए थे.
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'शिवालिक', 'नंदा देवी' और 'जग लाड़की' उन 24 जहाजों में शामिल थे जो क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे.
ब्रिजेश दोशी