कोरोना के बाद अब बच्चों को हो रही नई बीमारी MIS-C, ये हैं लक्षण

कोरोना के बीच बच्चों में अब मल्टी ऑर्गन इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम यानी एमआईएस-सी की बी्मारी देखने को मिल रही है. गुजरात में इस नई बीमारी के अब तक 100 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.

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ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं पीड़ित ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं पीड़ित

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 31 मई 2021,
  • अपडेटेड 6:33 PM IST
  • गुजरात में बढ़ रहे एमआईएस-सी के मामले
  • डॉक्टरों ने बताए इस नई बीमारी के लक्षण

कोरोना वायरस की महामारी के बाद देश ब्लैक फंगस से जूझ रहा है. अब एक और नई बीमारी आ गई है जो बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है. कोरोना के बीच बच्चों में अब मल्टी ऑर्गन इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम यानी एमआईएस-सी की बी्मारी देखने को मिल रही है. एमआईएस-सी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. गुजरात में इस नई बीमारी के अब तक 100 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. 

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देश में इस नई बीमारी का पहला मामला एक नवजात बच्चे में जन्म के 12 घंटे के अंदर सामने आया था. बताया जाता है कि गर्भावस्था में बच्चे की मां को कोरोना हुआ था. हालांकि, उपचार के बाद महिला ठीक हो गई लेकिन कोरोना का इफेक्ट बच्चे पर पड़ा और वह एमआईएस-सी की चपेट में आ गया. बच्चे को सांस लेने में समस्या होने लगी. उसे उपचार के लिए अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस संबंध में डॉक्टर बेला शाह ने कहा कि बच्चे का जब एंटीबॉडी टेस्ट किया गया तो उसमें पहले से ही एंटीबॉडी पाई गई. उन्होंने कहा कि मां के कोरोना संक्रमित होने के कारण गर्भ में ही बच्चे को एंटीबॉडी मिल गई. अब बच्चे को ये पोस्ट कोविड बीमारी हुई है. डॉक्टर शाह ने बताया कि फिलहाल वह बच्चा ऑक्सीजन पर है. नवजात के अलावा एक नौ साल का बच्चा भी सिविल अस्पताल में ही उपचार के लिए भर्ती है.

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इस बीमारी से ग्रसित नौ साल के राहुल को भी पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है. दरअसल, राहुल को इससे पहले तेज बुखार हुआ था. तब उपचार के बाद वह पूरी तरह ठीक हो गया था लेकिन फिर अचानक उसे तेज बुखार आया. चिकित्सकों ने जब उसकी जांच की तो राहुल के एमआईएस-सी की बीमारी से ग्रसित होने की पुष्टि हुई. राहुल के पिता का कहना है कि पहले उसे ज्यादा परेशानी नहीं हुई थी.

क्या कहते हैं डॉक्टर

बच्चों के डॉक्टर और सिविल अस्पताल के असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर राकेश जोशी के मुताबिक कई बार ऐसा होता है कि बच्चों में ये सिंड्रोम हो या फिर उसे बुखार आया हो तो सामान्य दवा से वो ठीक हो जाता है लेकिन जब उसका हमने कोविड एंटीबॉडी टेस्ट किया तो वो उस में पॉजिटिव पाया गया. यानी उसके शरीर में कोविड की एंटीबॉडी पहले से मौजूद थी.

अब तक मिले 7 लक्षण

डॉक्टर्स के मुताबिक बच्चों में इस बीमारी के अब तक 7 लक्षण पाए गए हैं.

  1. ठंड लगना
  2. बुखार आना
  3. शरीर पर काले धब्बे दिखना
  4. आंख लाल होना
  5. पेट में दर्द होना
  6. सांस लेने में परेशानी
  7. चेहरा या होंठ नीले होना

चिकित्सकों के मुताबिक इस बीमारी में ऑर्गन फेल होने के कारण बच्चों की मौतें भी हो रही हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चों में इस तरह की बीमारी रोकने के लिए ये ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें कोरोना ना हो. इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि वे घर में भी किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में न आएं.

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