दिल्ली में बढ़ेगी पानी की किल्ल्त, बढ़ते अमोनिया के कारण सप्लाई रोकेगा जल बोर्ड

दिल्ली के लोगों को आने वाले दिनों में पानी के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है, क्योंकि जल बोर्ड राज्य में आ रहे दूषित पानी की सप्लाई नहीं करेगा.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 12:07 AM IST

दिल्ली को आने वाले दिनों में पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है. दिल्ली जल बोर्ड ने एनजीटी में याचिका दाखिल कर कहा कि वह दिल्ली में पानी की सप्लाई रोकने जा रही है क्योंकि पानी में अमोनिया की मात्रा तीन गुणा बढ़ गया है और बढ़ने की वजह हरियाणा से आने वाला प्रदूषित पानी है.

एनजीटी के जस्टिस जावेद रहीम के बेंच में दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से अर्जी दाखिल की गई है कि पूरी दिल्ली की पानी की सप्लाई रोकी पड़ेगी क्योंकि अमोनिया की मात्रा पानी मे तीन गुणा बढ़ गई है. इसके बाद एनजीटी ने तुरंत अर्जेंट बेसिस पर मामले की सुनवाई की, जिसमें दिल्ली जल बोर्ड के वकील ने कहा कि तुरंत हमें पानी की सप्लाई बंद करनी होगी.

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हरियाणा से आ रहे पानी की वजह से अमोनिया की मात्रा में बढ़ोतरी हुई है. हरियाणा से आ रही पानी में प्रदूषण की मात्रा बहुत ज्यादा है. ये प्रदूषण वहां से औद्योगिक यूनिट से निकलने वाले प्रदूषित वेस्ट के यमुना में मिलने की वजह से है. हमें नहीं पता कि कब तक पानी की सप्लाई दे पाएंगे.

जल बोर्ड ने कहा कि लुटियन जोन, साउथ दिल्ली समेत पूरी दिल्ली का पानी ठप्प करने पर हम मजबूर है. पानी में अमोनिया की मात्रा 115 से 218 ppm (parts per million)अभी है जबकि पीने के पानी में अमोनिया 15 से कम होना चाहिए. इससे ज्यादा होने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है.

जल बोर्ड रोजाना दिल्ली की 35 फीसदी आबादी को पानी नहीं दे पा रहा है क्योंकि उसके पास 70 से 80 मिलियन गैलन पानी की कमी है, ऐसे मे अमोनिया का बढ़ा हुआ स्तर इस समस्या को कई गुना और बढ़ा देगा.

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दिल्ली जल बोर्ड के तरफ से एनजीटी में ये भी कहा गया कि 31 दिसंबर 2017 के बाद से अमोनिया की मात्रा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है ये पहली बार हुआ है कि 45 दिनों से अमोनिया की मात्रा में कमी नही आई है लिहाजा हरियाणा से आने वाली पानी को रोकना होगा और वजीराबाद प्लांट में स्टोर किए हुए पानी को ट्रीट करना होगा. इसके अलावा हमारे पास पानी की कमी की समस्या भी है.

वहीं हरियाणा सरकार के वकील आनंद ग्रोवर ने एनजीटी से कहा कि GFX IN 683 क्विसिक वाटर हम बिना अमोनिया के दे रहे है. clc (कैरियर लाइन चैनल और दिल्ली सब ब्रांच ) के जरिये दे रहे है. ये पानी बिना अमोनिया लेवल के है. इसके अलावा यमुना में पानी का फ्लो भी फिलहाल कम है, शायद इस वजह से पानी में अमोनिया का लेवल बढ़ गया है. इसे ठीक करने की जिम्मेदारी दिल्ली की है.

समस्या के निदान के लिए पिछले कई दिनों से दिल्ली और हरियाणा के बीच बातचीत हो रही थी, लेकिन अब ये मामला कोर्ट पहुच गया है. मंगलवार को एनजीटी में इस मामले पर फिर सुनवाई होगी. हरियाणा दिल्ली जल बोर्ड के आरोपों पर जवाब देगा कि प्रदूषित पानी दिल्ली में किस वजह से आ रहा है.

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