गंगा के पानी से बुझेगी दिल्ली के लोगों की प्यास, दूर होगी किल्लत

जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया ने 'आजतक' से खास बातचीत के दौरान बताया कि पानी की समस्या से निपटने के लिए जल बोर्ड एक प्रावधान करने जा रहा है, जिससे 15 एमजीडी से अधिक गंगा का पानी जल बोर्ड को मिलेगा. दावा किया गया है कि गंगा से मिलने वाले पानी की सप्लाई बुधवार से शुरू हो जाएगी.

Advertisement
फाइल फोटो फाइल फोटो

अजीत तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2018,
  • अपडेटेड 4:01 PM IST

गर्मी के बढ़ते कहर के बीच देश की राजधानी के कुछ हिस्सों में पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. दिल्ली के दक्षिण और पश्चिम इलाकों में पानी की समस्या से निपटने के लिए अब दिल्ली जल बोर्ड, गंगा का पानी इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है.

जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया ने 'आजतक' से खास बातचीत के दौरान बताया कि पानी की समस्या से निपटने के लिए जल बोर्ड एक प्रावधान करने जा रहा है, जिससे 15 एमजीडी से अधिक गंगा का पानी जल बोर्ड को मिलेगा. दावा किया गया है कि गंगा से मिलने वाले पानी की सप्लाई बुधवार से शुरू हो जाएगी.

Advertisement

दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक हरियाणा की तरफ से 35 एमजीडी पानी कम मिल रहा है जिस वजह से साउथ और वेस्ट दिल्ली में पानी की समस्या है. दिल्ली सरकार का मानना है कि 1996 से जल बोर्ड को हरियाणा से जिस तरह पानी मिल रहा था उतनी ही मात्रा लगातार मिलनी चाहिए. दिल्ली जल्द बोर्ड का कहना है कि हरियाणा से कम पानी मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट भी गए लेकिन अब भी हरियाणा 35 एमजीडी पानी की कटौती कर रहा है.

दिनेश मोहनिया ने जल संकट दूर करने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश से पानी की डिमांड की गयी है और हमें आश्वासन भी मिला है कि वो गंगा का पानी देने के लिए तैयार हैं. एक तकनीकी कनेक्शन के बाद बुधवार से गंगा के पानी की सप्लाई दिल्ली में होने लगेगी. इसके अलावा एमरजेंसी के लिए 700 से ज्यादा टैंकर दिल्ली जल बोर्ड के पास हैं, जहां-जहां समस्या है वहां टैंकर की मदद से पानी पहुंचाया जा रहा है.

Advertisement

जानकारी के मुताबिक से आने वाला ऐसा पानी जो अबतक बर्बाद हो रहा था, उस पानी को डाइवर्ट कर प्लांट में ट्रीट किया जाएगा. इसके सहारे बुधवार तक करीब 15 MGD अधिक पानी का बंदोबस्त कर लिया जायेगा. जो दिल्ली के कई इलाकों में पानी की किल्लत को दूर करेगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »