तुर्कमान गेट हिंसा: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाली ऐमन रिजवी तलब, रडार पर 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स

हिंसा और पत्थरबाजी के आरोप में अब तक 11 लोगों (एक नाबालिग सहित) को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने ऐसे 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार की है, जिन्होंने घटना वाली रात भ्रामक जानकारियां साझा की थीं. इन सभी को समन भेजकर जांच में शामिल होने को कहा गया है.

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पुलिस के मुताबिक, ऐमन रिजवी ने तुर्कमान गेट और मस्जिद को लेकर भड़काऊ पोस्ट किए थे. (Photo- ITG) पुलिस के मुताबिक, ऐमन रिजवी ने तुर्कमान गेट और मस्जिद को लेकर भड़काऊ पोस्ट किए थे. (Photo- ITG)

हिमांशु मिश्रा / अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:57 PM IST

मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस अब कड़ा एक्शन ले रही है. हिंसा और पत्थरबाजी के आरोप में अब तक 11 लोगों (एक नाबालिग सहित) को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई अब उन लोगों के खिलाफ शुरू हुई है जिन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहें फैलाकर भीड़ को उकसाया.

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पुलिस ने आज गुरुवार को जामिया इलाके की रहने वाली ऐमन रिजवी को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐमन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से तुर्कमान गेट और मस्जिद को लेकर कई विवादित और भड़काऊ पोस्ट किए थे. चूंकि ऐमन के सोशल मीडिया पर अच्छे-खासे फॉलोवर्स हैं, इसलिए उनकी पोस्ट ने अफवाहों को तेजी से फैलाने का काम किया.

पुलिस ने ऐसे 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार की है, जिन्होंने घटना वाली रात भ्रामक जानकारियां साझा की थीं. इन सभी को समन भेजकर जांच में शामिल होने को कहा गया है.

6 और उपद्रवी गिरफ्तार, कुल संख्या 11 हुई

गुरुवार (8 जनवरी 2026) को पुलिस ने तुर्कमान गेट इलाके से ही पत्थरबाजी के आरोप में 6 और लोगों को गिरफ्तार किया. इनके नाम अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद हैं. एडिशनल कमिश्नर (सेंट्रल) निधिन वल्सन ने बताया कि अब तक कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है. सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए अन्य पत्थरबाजों की भी पहचान की जा रही है.

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4-5 व्हाट्सएप ग्रुप्स से फैली अफवाह

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे व्हाट्सएप ग्रुप्स का बड़ा हाथ था. करीब 4 से 5 ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप्स की पहचान की गई है, जिनमें "मस्जिद गिराई जा रही है" जैसी झूठी खबरें सर्कुलेट की गईं. इन संदेशों के बाद ही 150 से 200 लोगों की भीड़ जमा हुई और पुलिस व एमसीडी (MCD) कर्मियों पर पत्थर और कांच की बोतलों से हमला कर दिया. इस हमले में एसएचओ (SHO) सहित 5 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

मस्जिद को नहीं पहुंचा कोई नुकसान

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नगर निगम (MCD) के उपायुक्त कुमार कुमार ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान करीब 36,000 वर्ग फुट जमीन खाली कराई गई है, जिसमें एक डायग्नोस्टिक सेंटर और बैंक्वेट हॉल की दीवारें गिराई गईं. उन्होंने साफ किया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है. वर्तमान में इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.

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