ग्रामीण इलाकों में बढ़ा कोरोना, राहुल गांधी का ट्वीट- शहरों के बाद, अब गांव भी परमात्मा निर्भर!

शहरों के बाद अब कोरोना का कहर गांव-गांव बढ़ रहा है. गांव में कोरोना लक्षण जैसे जुकाम और बुखार से इंफेक्शन की शुरुआत होती है और सांस लेने में तकलीफ के बाद मौत हो जाती है. गांवों में दहशत का माहौल है.

Advertisement
राहुल गांधी (फाइल फोटो) राहुल गांधी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2021,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST
  • शहरों के बाद गांव में बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण
  • राहुल गांधी ने किया ट्वीट

देश भर में शहरों में फैला कोरोना अब गांव की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है. देश के कई राज्यों में कोरोना महामारी कहर बनकर टूट रही है. ऐसे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने रविवार को एक ट्वीट करते हुए कहा कि शहरों के बाद, अब गांव भी परमात्मा निर्भर!. राहुल ने इस ट्वीट को करते हुए किसी खबर की हेडलाइन भी शेयर की है. 
 

Advertisement

यूपी के रायबरेली के छोटे से गांव सुल्तानपुर खेड़ा, जिसकी आबादी 2000 लोगों की है, यहां लगभग 500 परिवार रहते हैं. बीते कुछ दिनों से हर तरफ मौत का मंजर दिखाई दे रहा है. हर घर में आंसू और मातम पसरा हुआ है. बीते दिनों में यहां पर 17 मौतें हो चुकी है, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार यह गांव आज भी अपने किसी भगवान रूपी नेता का इंतजार कर रहा है.

इसके अलावा कोरोना महामारी का कहर यूपी के देवरिया में भी देखने को मिल रहा है. यहां के गांवों में लगातार हो रही मौतों से लोग खौफजदा हैं. हालत यह है कि गांवों में मरने वालों के घर पर कोई शोक संवेदना तक भी प्रकट करने नहीं जा रहा. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें ठीक ढंग से इलाज नहीं मिल पा रहा है और ना ही इतनी मौतों के बाद कोई टीम गांव में अब तक पहुंची है.

Advertisement

क्लिक करें- देश में लगातार चौथे दिन 4 लाख से अधिक केस, 24 घंटे में करीब 4100 कोरोना मरीजों की मौत
 
वहीं दिल्ली से 70 किलोमीटर दूर रोहतक जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर गांव टिटौली के ग्रामीण लगातार हो रही मौतों से दहशत में हैं. 10 दिन में करीब 40 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है. इन मौतों के कारण तो साफ नहीं हो पाए हैं, लेकिन बुखार के बाद तबीयत बिगड़ने की वजह सामने आई है.

ग्रामीणों में कोरोना से ही मौत होने की चर्चा है. मरने वालों में बुजुर्ग, अधेड़, महिलाएं व युवा शामिल हैं. 6 से 7 मौत 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की हुई हैं. अब प्रशासन हरकत में आ गया है और कोरोना संक्रमण जांचने के टेस्ट भी शुरू कर दिए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक गांव में कोरोना लक्षण जैसे जुकाम और बुखार से इंफेक्शन की शुरुआत होती है और सांस लेने में तकलीफ के बाद मौत हो जाती है. गांवों में दहशत का माहौल है. गांववालों का आरोप है कि इस महामारी के समय प्रशासन नदारद है, ना कोई टीम गांव पहुंच रही है, ना सैनिटाइजेशन हो रहा है, ना फागिंग और ना ही साफ सफाई का काम देखने को मिल रहा है.

Advertisement


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »