DUSU चुनाव में NGT के आदेश की जमकर उड़ीं धज्जियां

दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनाव के मद्देनजर कागज की बर्बादी का मुद्दा बीते कई सालों से सुर्खियों में है. इसके बावजूद किसी भी छात्र संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही. इसी के मद्देनजर एनजीटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को आदेश दिए कि 24 घंटे के भीतर डीयू से पोस्टर और बैनर हटाये जाएं.

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दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली विश्वविद्यालय

मणिदीप शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 2:06 AM IST

दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनाव के मद्देनजर कागज की बर्बादी का मुद्दा बीते कई सालों से सुर्खियों में है. इसके बावजूद किसी भी छात्र संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही. इसी के मद्देनजर एनजीटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को आदेश दिए कि 24 घंटे के भीतर डीयू से पोस्टर और बैनर हटाये जाएं.

NGT न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन को (डूसू) चुनाव में पेपर की बर्बादी को लेकर जमकर फटकार लगाई है. एनजीटी के चेयरमैन स्वतंत्र कुमार की बेंच ने  यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी), डीयू, डूसू, डीयू के चीफ इलेक्शन ऑफिसर व दिल्ली सरकार को 24 घंटे के भीतर डीयू से पोस्टर, बैनर हटाने के आदेश दिए हैं. वहीं जब 24 घंटे बाद भी दिल्ली आजतक की टीम मौके पर पहुंची तो विश्वविद्यालय की सड़कें और दीवारें जस की तस थीं.

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यूनियन चुनाव के मद्देनजर लिंगदोह कमीशन की सिफारिशें...

प्रत्याशी के लिए कक्षाओं में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. प्रत्याशी विश्वविद्यालय का नियमित छात्र होना चाहिए. चुनाव में प्रत्याशी अधिकतम 5 हजार रुपये खर्च कर सकेगा. व्यय या दूसरे नियमों के उल्लंघन पर चुनाव निरस्त होगा. मुद्रित पोस्टर, पंफलेट या प्रचार सामग्री के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी. प्रचार के लिए लाउडस्पीकर, वाहन आदि का प्रयोग नहीं होगा.

NGT ने डूसू यूनियन और DU प्रशासन को साफ तौर पर कहा था कि नियम तोड़ने वालों पर 5 हजार का जुर्माना किया जाएगा और उम्मीदवारी भी रद्द की जाएगी. एनजीटी ने सभी को निर्देश दिए कि नियम तोड़ने वालों पर पर्यावरण शुल्क के रूप में 5 हजार का जुर्माना किया जाए. प्रत्याशियों की रद्द किए जाएं. मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी. एनजीटी ने सभी से एक हफ्ते में मामले में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को भी कहा है. वहीं छात्र नेता पोस्टर लगाने को बेहद जरूरी बताते हैं और कहते हैं कि डेढ़ लाख छात्रों के बीच जाने के लिए पोस्टर बेहद जरूरी हैं.

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ABVP और NSUI के लगे हुए तमाम साधते हुए लेफ्ट छात्र संगठन आईसा ने कहा कि ABVP और एनएसयूआई चुनाव को गलत दिशा में मोड़ रहे हैं. वे कभी भी कागज की बर्बादी नहीं करते.

इससे पूर्वी एनजीटी ने सभी से पूछा था कि क्यों न उन सब पर अवमानना की कार्रवाई की जाए. याची का तर्क था कि लगातार न्यूज पेपरों में खबरें प्रकाशित हो रहीं हैं. डूसू चुनाव में तमाम स्टूडेंट पार्टियां पेपर बर्बाद कर रहीं हैं. हर साल डूसू चुनाव में यही होता है. जबकि 2006 में लिंगदोह कमेटी व 2016 एनजीटी के ऑर्डर में पेपर की बर्बादी पर साफ रोक लगाई गई है.

 

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