दिल्ली: आजादपुर को मिलेगी जाम और प्रदूषण से मुक्ति, टिकरी शिफ्ट होगी सेब मंडी

टिकरी में बन रही अस्थायी सेब मंडी से व्यापारियों और किसानों को काफी फायदा होगा. जाम के कारण अभी किसानों की फसल घंटो मंडी के रास्तों में फंस जाती थी. इससे सेब के खराब होने का डर बना रहता था और काफी मात्रा में सेब खराब भी हो जाते थे.

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 टिकरी में बन रही सेब मंडी टिकरी में बन रही सेब मंडी

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 7:43 PM IST
  • नहीं होगा सेब की फसल का नुकसान
  • 11,000 वर्ग फुट में बनेगी सेब मंडी

दिल्ली की आजादपुर मंडी के पास जब ट्रकों का जाम लगता है तो वो लोगों के कई घंटे बर्बाद कर देता है. वहीं इलाके में प्रदूषण की समस्या अलग बढ़ जाती है. अब इस इलाके लोगों को जाम और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलने जा रही है, क्योंकि दिल्ली के टिकरी में एक अस्थायी सेब मंडी बनने जा रही है. इससे रोजाना 300-400 ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करना होगा और आजादपुर के आसपास का जाम भी कम हो जाएगा.

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बाहरी दिल्ली में रुक जाएंगे ट्रक

आजादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने बताया कि दिल्ली के लिए प्रदूषण और जाम बड़ी समस्या है. इससे बचने के लिए ही टिकरी में अस्थायी सेब मंडी बनाने का फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सेब की आवक शुरू हो जाएगी, तब आजादपुर मंडी में प्रति दिन 300-400 ट्रक आएंगे. अब बाहरी दिल्ली के टिकरी में इस अस्थायी सेब मंडी के बनने के बाद सेब की खेप के ये ट्रक यहीं ही रुक जायंगे. उन्हें दिल्ली में प्रवेश नहीं करना होगा. इससे  आजादपुर के पास लगने वाला 5-6 घंटे का जाम खत्म हो जाएगा, वहीं इससे होने वाले प्रदूषण से भी मुक्ति मिल जाएगी. सेब के लिए बनाई गई ये अस्थायी सेब मंडी नवंबर तक एक्टिव रहेगी.

11,000 वर्ग फुट में बनेगी सेब मंडी

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टिकरी में बन रही अस्थायी सेब मंडी 11,000 वर्ग फुट में फैली है. इसके बनने के बाद दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर भारत में आसानी से सेबों की सप्लाई हो सकेगी. एनसीआर और उत्तर भारत के लिए सेबों की सप्लाई के दौरान ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी. इससे जाम से मुक्ति मिलेगी.

नहीं होगा सेब की फसल का नुकसान

टिकरी में बन रही अस्थायी सेब मंडी से व्यापारियों और किसानों को काफी फायदा होगा. जाम के कारण अभी किसानों की फसल घंटो मंडी के रास्तों में फंस जाती थी. इससे सेब के खराब होने का डर बना रहता था और काफी मात्रा में सेब खराब भी हो जाते थे. इससे किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी तगड़ा नुकसान होता था. अब इस मंडी के बनने के बाद सेब की फसल का ये नुकसान नहीं होगा.

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