दिल्लीः पावरफुल शॉकवेव्स से टूटे खिड़कियों के शीशे, CRPF स्कूल की दीवार में दरार, MHA ने रोहिणी ब्लास्ट की मांगी रिपोर्ट

जांचकर्ताओं के अनुसार, ऐसे मामलों में ठोस या तरल विस्फोटक सामग्री बहुत गर्म, सघन और उच्च दबाव वाली गैस में परिवर्तित हो जाती है. विस्फोट के बाद यह गैस बेहद तेज गति से फैलती है, जिससे हवा में एक शक्तिशाली शॉकवेव पैदा होती है. यह शॉकवेव आस-पास के इलाकों में सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है और भारी नुकसान का कारण बनती है.

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एनएसजी जवान नई दिल्ली के रोहिणी इलाके में विस्फोट के बाद जांच के लिए पहुंचे, मौके से सफेद पाउडर बरामद हुआ एनएसजी जवान नई दिल्ली के रोहिणी इलाके में विस्फोट के बाद जांच के लिए पहुंचे, मौके से सफेद पाउडर बरामद हुआ

श्रेया चटर्जी / अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार इलाके में रविवार सुबह हुए धमाके की प्रारंभिक जांच में इसे डायरेक्शनल ब्लास्ट माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, विस्फोटक सामग्री को इस प्रकार से लगाया गया था कि उसके रिफ्लेक्टिव प्रेशर (Reflective Pressure) से शॉकवेव (Shockwave) उत्पन्न हो, जिससे आसपास के इलाके में नुकसान पहुंचा.

सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है शॉकवेव

जांचकर्ताओं के अनुसार, ऐसे मामलों में ठोस या तरल विस्फोटक सामग्री बहुत गर्म, सघन और उच्च दबाव वाली गैस में परिवर्तित हो जाती है. विस्फोट के बाद यह गैस बेहद तेज गति से फैलती है, जिससे हवा में एक शक्तिशाली शॉकवेव पैदा होती है. यह शॉकवेव आस-पास के इलाकों में सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है और भारी नुकसान का कारण बनती है. यही वजह है कि धमाके के बाद इलाके की इमारतों और गाड़ियों के शीशे टूट गए. इसके साथ ही CRPF स्कूल की दीवार में दरार आ गई.

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विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोट के इस स्वरूप को देखते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया डायरेक्शनल ब्लास्ट माना जा रहा है, जिसमें विस्फोटक सामग्री के प्रभाव को दूर तक फैलाने के लिए दिशा दी गई थी.

केंद्र ने दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और जल्द ही मामले को स्पेशल सेल को ट्रांसफर किया जाएगा. फिलहाल, स्पेशल सेल, एनआईए, सीआरपीएफ, एफएसएल और एनएसजी की टीमें मौके पर पहुंच कर जांच कर रही हैं. मौके पर पहुंची एजेंसियों ने पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर लिया है और वहां की मैपिंग की जा रही है. साथ ही, आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि धमाका करने वाले की पहचान हो सके. केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और मामले में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

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आसमान में उठा था सफेद धुएं का गुबार

सुबह के धमाके से इलाके में हड़कंप रविवार की सुबह रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में स्थित CRPF स्कूल के पास करीब साढ़े सात बजे जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी. इस धमाके के तुरंत बाद धुएं का एक सफेद गुबार आसमान की ओर उठता देखा गया. धमाके की तीव्रता से लोग घबरा गए और इलाके में बदबू फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में न कोई घायल हुआ और न ही किसी प्रकार की जान-माल की हानि हुई है.

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दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज

बताया जा रहा है कि धमाके की आवाज दो किलोमीटर तक सुनाई दी. इसमें काफी मात्रा में एक्स्प्लोसिव का इस्तेमाल किया गया था. मौके से धमाके के बाद किसी तरह का कोई मेटल जैसी चीज नहीं मिली, कोई बॉल बेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस नहीं मिला है. बम कैसे ट्रिगर हुआ, इसकी जांच पुलिस टीम कर रही है.

धमाका देकर किसी तरह के मैसेज देने की बात बताई जा रही है. जहां धमाका हुआ है, वहां कुछ दुकानें भी हैं, जहां आमतौर पर भीड़-भाड़ रहती है. हालांकि, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में बम नहीं रखा गया और सीआरपीएफ स्कूल के दीवार का जानबूझकर इस्तेमाल किया गया है.

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