दिल्ली में जाम का काम तमाम! अरबों की लागत से बनेंगे 6 एक्सप्रेसवे, टनल और कॉरिडोर

दिल्ली सरकार केंद्र के साथ मिलकर राजधानी के लिए रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की सीरीज पर काम कर रही है. इसके तहत दिल्ली-एनसीआर के लिए नए एक्सप्रेसवे, टनल और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाएंगे जाएंगे. ऐसे 6 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है.

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दिल्ली का अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (Photo: PTI) दिल्ली का अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:07 PM IST

दिल्ली और NCR के अन्य शहरों के बीच की सड़कों पर भीड़ कम करने के लिए दिल्ली और केंद् सरकार मिलकर छह बड़ी सड़क परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. यह कदम केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और दिल्ली कr मुख्यमंत्री द्वारा इस संबंध में समीक्षा बैठक किए जाने के एक हफ़्ते बाद उठाया गया है. इस बैठक के दौरान NCR की प्रमुख सड़कों पर भीड़ कम करने की योजना पर चर्चा की गई थी. 

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इसके बाद गुरुवार को दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार के इस फैसले की जानकारी दी. 

इस प्रोजेक्ट के तहत नए एक्सप्रेस वे, टनल, एलिवेटेड कॉरिडोर और सर्विस रोड बनाएंगे जाएंगे. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इन प्रोजेक्ट का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम को कम करना है. 

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को विश्व स्तर का शहर बनाना और जाम मुक्त करना हमारा लक्ष्य है. 

कौन कौन हैं ये 6 प्रोजेक्ट

1. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लिंक प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 17 किलोमीटर लंबा छह-लेन का कॉरिडोर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को गाजियाबाद में ट्रॉनिका सिटी के पास UER-II से जोड़ेगा. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 3,500 करोड़ रुपये है. 

इस प्रोजेक्ट से IGI एयरपोर्ट, बारापुल्ला कॉरिडोर, मुकरबा चौक, सिंघु बॉर्डर और आश्रम-बदरपुर जैसे रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. यह प्रोजेक्ट अभी अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने के चरण में है और इसका निर्माण दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर बड़े पैमाने पर सड़कों से जुड़ी कई परियोजनाएं शुरू करेंगे और इन सभी को भविष्य की यातायात ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाएगा. 

बता दें कि अर्बन एक्सटेंशन रोड-II दिल्ली-NCR का एक बहुत महत्वपूर्ण 6-लेन एक्सप्रेसवे है जिसे दिल्ली की तीसरी रिंग रोड भी कहा जाता है. इसकी मुख्य लंबाई करीब 75.7 किलोमीटर है और यह NH-344M नंबर पर आता है. यह सड़क दिल्ली के पश्चिमी हिस्से में हाफ सर्किल रूट बनाती है. यह अलीपुर (NH-44) से शुरू होकर रोहिणी, मुंडका, नजफगढ़, द्वारका होते हुए महिपालपुर (NH-48) पर खत्म होती है.

2. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, नोएडा-फरीदाबाद कनेक्टिविटी कॉरिडोर

ये सड़क लगभग 65 किलोमीटर लंबी और 6 लेन की होगी. इसकी अनुमानित लागत 7,500 करोड़ रुपये है. 

मुख्यमंत्री ऑफिस ने कहा कि, "यह कॉरिडोर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, DND, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा."

इससे लोनी, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि कालिंदी कुंज, सराय काले खां और आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम कम होगा. यहां पर दिसंबर 2026 तक काम शुरू होने की उम्मीद है. 

3. दिल्ली-अमृतसर कटरा कॉरिडोर, अर्बन-एक्सटेंशन रोड-II

इस प्रस्ताव के तहत दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक को UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे के ज़रिए दिल्ली, गुरुग्राम और IGI एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच मिलेगी. 17 किलोमीटर लंबे, छह-लेन वाले इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 1,500 करोड़ रुपये है. और इसे मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. 

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4.एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर

ये प्रोजेक्ट 20 किलोमीटर लंबी छह-लेन वाली एक सड़क होगी. इसकी अनुमानित लागत 5,000 करोड़ रुपये है, और इसका निर्माण अप्रैल 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है. 

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक में काफी राहत मिलेगी. यह एलिवेटेड कॉरिडोर AIIMS, INA, हौज खास, वसंत कुंज को पड़ोसी राज्य हरियाणा से जोड़ते हुए सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा. 

इस प्रोजेक्ट से दक्षिण दिल्ली के एयरोसिटी, रंगपुरी, छतरपुर और घिटोरनी इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है. 

5. अर्बन एक्सटेंशन रोड-II के साथ सर्विस रोड

दिल्ली सरकार के अनुसार एक और अहम प्रोजेक्ट में मौजूदा UER-II कॉरिडोर के साथ-साथ सर्विस रोड बनाना शामिल है. दिल्ली मुख्यमंत्री ऑफिस के मुताबिक इस पहल से स्थानीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और बाहरी दिल्ली में प्लांड शहरी विस्तार को बढ़ावा मिलेगा. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 6,500 करोड़ रुपये है, जो लगभग 26 किलोमीटर तक फैला होगा और इसमें UER-II के दोनों तरफ सेकेंडरी सर्विस रोड का निर्माण शामिल होंगे. 

6. शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग टनल प्रोजेक्ट

दिल्ली सरकार 'शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग टनल प्रोजेक्ट' पर भी काम कर रही है. यह एक प्रस्तावित अंडरग्राउंड टनल है, जो लगभग 8 km लंबी और छह लेन चौड़ी होगी. 

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इस प्रोजेक्ट की अनुमानित निर्माण लागत 7,000 करोड़ रुपये है.  बयान में कहा गया है कि यह द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से जोड़कर बाहरी दिल्ली के इलाकों से सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा, जिससे दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं इलाकों में ट्रैफिक जाम कम होगा. 

ओखला बैराज के पास इंटरचेंज

इसके अलावा कालिंदी कुंज इलाके में ट्रैफिक कम करने के लिए अधिकारियों ने ओखला बैराज के पास एक "इंटरचेंज" बनाने की योजना बनाई है. ताकि दिल्ली-नोएडा-फरीदाबाद कॉरिडोर पर ट्रैफिक का फ्लो बेहतर हो सके. 

इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये है, जिसमें 500 मीटर लंबे छह-लेन वाले इंटरचेंज और फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है. इस प्रोजेक्ट का मकसद कालिंदी कुंज में ट्रैफिक कम करना और नोएडा, जसोला, सरिता विहार और फरीदाबाद के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देना है. 

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