कमरे में किचन, पास में अस्पताल... आखिर विदेशियों की पहली पसंद क्यों था मालवीय नगर का ये होटल?

इंडिया टुडे के एनालिसिस के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई यह बिल्डिंग विदेशी मरीजों के बीच बहुत पॉपुलर थी. इसके पीछे कमरों के अंदर किचन का सेटअप और पास में ही बड़ा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल होना सबसे बड़ी वजह रही.

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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई. (Photo: PTI) दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:41 PM IST

दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह फ्लोरिश स्टे होटल में भीषण आग लग गई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 40 लोगों को रेस्क्यू कर बचा लिया गया. मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं. यह हादसा सिर्फ एक आग की घटना नहीं थी, बल्कि कई सवाल भी छोड़ गया है, आखिर यह होटल इतना लोकप्रिय क्यों था, खासकर विदेशी मेहमानों के बीच.

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अस्पताल के पास लोकेशन और मेडिकल टूरिस्ट्स की पहली पसंद

यह होटल मालवीय नगर के एक घनी आबादी वाले इलाके में चलता था. आसपास भी कई छोटे-छोटे गेस्ट हाउस बने हुए हैं. इस होटल के चलने की सबसे बड़ी वजह इसकी खास लोकेशन थी. यह मैक्स साकेत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के बेहद करीब था. यही वजह थी कि यहां इलाज के लिए आने वाले विदेशी मरीज और उनके परिजन अक्सर ठहरते थे. इस होटल को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी ऐसे ही दिखाया गया था कि यह लंबे समय तक रहने वालों के लिए अच्छा विकल्प है.

इस होटल की एक और खास बात यह थी कि यहां कमरों में ही किचन या छोटा किचन सेटअप दिया गया था. सोशल मीडिया वीडियो में भी होटल खुद अपने इन सुविधाओं का प्रचार करता दिखा. लंबे समय तक रहने वाले मेहमानों के लिए इसे सुविधाजनक बताया गया, ताकि लोग अपना खाना खुद बना सकें.

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लेकिन इसी सुविधा ने सुरक्षा के बड़े सवाल खड़े कर दिए. भीड़भाड़ वाली बिल्डिंग में किचन और गैस या इलेक्ट्रिक इस्तेमाल से आग का खतरा बढ़ जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी जगहों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन बेहद जरूरी होता है.

सिर्फ 6 कमरे की मंजूरी, लेकिन चल रहे थे 20 से ज्यादा

इस होटल को सिर्फ 6 कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां 20 से ज्यादा कमरे चलाए जा रहे थे. इसके अलावा यहां फायर NOC भी नहीं था, यानी आग से बचाव के जरूरी कागजात मौजूद नहीं थे. सबसे बड़ी समस्या यह भी सामने आई कि बिल्डिंग में सिर्फ एक ही एंट्री और एग्जिट गेट था, जो किसी भी इमरजेंसी में बड़ा खतरा बन सकता है.

हादसे के वक्त जो वीडियो सामने आए हैं, वो बेहद दर्दनाक हैं. लोग खिड़कियों से कूदते नजर आए, कुछ को स्थानीय लोगों ने नीचे पकड़कर बचाया. महिलाएं लगातार 'बचाओ-बचाओ' चिल्लाती दिखीं. रेस्क्यू टीमों ने तेजी से काम करते हुए कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि हालात काबू से बाहर हो गए.

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