कोरोनाः नाइट कर्फ्यू पर कांग्रेस बोली- केजरीवाल सरकार का ये फैसला दहशत फैलाने वाला

दिल्ली में तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर केजरीवाल सरकार द्वारा लिए गए नाइट कर्फ्यू के फैसले पर कांग्रेस ने निशाना साधा है. केजरीवाल सरकार के इस फैसले को कांग्रे​स ने दहशत फैलाने वाला बताया.

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सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST
  • दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत
  • हर मोर्चे पर विफल केजरीवाल सरकारः कांग्रेस

राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसे लेकर केजरीवाल सरकार ने नाइट कर्फ्यू का फैसला लिया. वहीं सरकार के इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल यह साबित कर सकते हैं कि रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाने से लगातार बढ़ रहे कोविड पॉजिटिव मामलों पर लगाम लगाई जा सकती है? 

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दिल्ली कांग्रेस का आरोप है कि केजरीवाल सरकार जनता की भावनाओं को नजरअंदाज करके फैसले ले रही है, क्योंकि 13 अप्रैल से दिल्ली में शादियों का सीजन शुरू हो रहा है. राजधानी में अधिकतर शादियां रात में ही होती हैं. दिल्ली में 6 दिनों से भी कम समय में संक्रमण की दर दोगुनी बढ़ रही है, जो 5 अप्रैल को 5.54 प्रतिशत दर्ज हुई. दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या पिछले 6 दिनों में 1081 बढ़ गई है, जो 31 मार्च को 2009 थे. 5 अप्रैल को दिल्ली में 3090 कंटेनमेंट जोन हो गए हैं. 

कांग्रसे ने कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल सरकार की कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लिए गए फैसलों की असफलता को उजागर करते हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार कोविड टेस्ट, ट्रीटमेंट, सैनिटाइजेशन जैसे हर मोर्चे पर विफल रही है.

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कांग्रेस ने मांग की है कि केजरीवाल सरकार को कोविड की अगली लहर रोकने के लिए काम करना चाहिए. प्रतिदिन एक लाख आरटी पीसीआर टेस्ट करने के साथ-साथ कोविड वैक्सीनेशन पर अधिक ध्यान केंद्रीत करना चाहिए.

कांंग्रेस ने कहा कि अधिक से अधिक कोविड वैक्सीन देकर और टेस्ट की संख्या बढ़ाकर कोविड को फैलने से रोका जा सकता है. कांग्रेस ने दिल्ली सरकार से अपील की है कि बेबुनियादी फैसले लेने की बजाए, दिल्ली में सभी वर्गों के लोगों को निशुल्क और अधिक से अधिक कोरोना वैक्सीन लगवाईं जाएं.

 

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