चौतरफा घिरी AAP अन्ना की टिप्पणी से ले सबक: पंकज पुष्कर

पंजाब में पार्टी में फूट, फिर मंत्री संदीप कुमार का सीडी कांड, फिर विधायक देवेंद्र शहरावत की चिट्ठी और उसके बाद अन्ना हजारे के बयान के बाद पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर ने भी शीर्ष नेतृत्व पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.

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पंकज पुष्कर पंकज पुष्कर

अंकित यादव

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 3:08 AM IST

पंजाब में पार्टी में फूट, फिर मंत्री संदीप कुमार का सीडी कांड, फिर विधायक देवेंद्र शहरावत की चिट्ठी और उसके बाद अन्ना हजारे के बयान के बाद पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर ने भी शीर्ष नेतृत्व पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.

अन्ना की चिंता पार्टी के लिए खतरे की घंटी
आम आदमी पार्टी के तिमारपुर से ने कहा है कि अन्ना हजारे ने जो चिंता जाहिर की है वह बिल्कुल सही है. पंकज ने कहा है कि अन्ना हजारे की चिंता को हम लोग नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं, उनकी इस टिप्पणी का मतलब है कि अब पार्टी के लिए खतरे की घंटी बज चुकी अभी भी वक्त है संभल जाएं.

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पार्टी में असहमति के स्वर उठाना गलत
पंकज पुष्कर ने 'आज तक' से बातचीत में कहा है कि ऐसा लगता है कि इस पार्टी में असहमति दर्ज नहीं करा सकते हैं क्योंकि असहमति को पार्टी नेतृत्व, करार देता है जब कभी पार्टी में कोई असहमति दर्ज कर आता है तो उसे पार्टी नेतृत्व गद्दार बता देता है.

निंदक नियरे राखिये
तिमारपुर से आम आदमी पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर का कहना है कि जब आम आदमी पार्टी बनाई जा रही थी तब पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था को करने के लिए कई कमेटियां बनाई गई थी, लेकिन धीरे-धीरे सभी कमेटियां खत्म की जा रही है यानी पार्टी का लोकतंत्र ही खत्म होता जा रहा है.

दूसरी पार्टियों की तरह AAP भी संदेह के घेरे में
विधायक पंकज पुष्कर का पंकज ने कहा कि जिस तरह से आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली होती जा रही है ऐसा कतई नहीं लगता कि यह पार्टी एक अलग तरीके से काम करने के लिए बनी थी, नई तरह की राजनीति तो छोड़िए दूसरी तमाम पार्टियों की तरह ही इसकी कार्यशैली होती जा रही है.

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पार्टी कोई दुकान नहीं, जब चाहें बंद कर दें
हाल ही में जब अरविंद केजरीवाल ने बयान दिया था कि वह पार्टी में गलत हरकतें बर्दाश्त नहीं करेंगे चाहे इसके लिए उन्हें पार्टी ही ना बंद क्यों ना करना पड़े. इस बयान पर पंकज पुष्कर का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलती है और इसे भंग करने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही अपनानी पड़ेगी. केजरीवाल का यह बयान दिखलाता है कि वह पार्टी को लोकतंत्र से नहीं चला रहे.

पार्टी में चापलूसों से घिरे हैं केजरीवाल
पंकज पुष्कर ने कहा कि मेरा मन नहीं करता है ये बात मानने का, पर यह सच है कि अब पार्टी में उन्हें ही पसंद किया जा रहा है जो हां में हां मिलाते हैं, कुछ लोग तो ऐसे हैं जो आंखों में आंखें डाल कर झूठी तारीफें भी करते हैं. ऐसे लोगों का ही पार्टी में सम्मान हो रहा है, पंकज पुष्कर ने मुख्यमंत्री को नेताजी संबोधित करते हुए कहा कि अब कुछ लोग पार्टी के लिए निष्पक्ष नहीं, चापलूसी भरी बातें बोलते हैं.

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