थाईलैंड की सबसे अमीर राजकुमारी बज्रकीतिआभा का निधन, 3 साल से कोमा में थीं 'स्लीपिंग प्रिंसेज'

थाईलैंड की मशहूर राजकुमारी बज्रकीतिआभा का 47 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. दिसंबर 2022 से कोमा में रहने के कारण उन्हें स्लीपिंग प्रिंसेज भी कहा जाता था. पेट के इन्फेक्शन और ऑर्गन फेलियर के बाद उन्होंने बैंकॉक के अस्पताल में आखिरी सांस ली.

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'स्लीपिंग प्रिंसेज' ने 11 जून को आखिरी सांस ली. (PHOTO:ITG/AI) 'स्लीपिंग प्रिंसेज' ने 11 जून को आखिरी सांस ली. (PHOTO:ITG/AI)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:18 PM IST

Thailand Princess Bajrakitiyabha Death: थाईलैंड के शाही परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. दुनिया के सबसे अमीर राजाओं में शुमार राजा महा वजिरालोंगकोर्न की सबसे बड़ी बेटी और देश की सबसे मशहूर राजकुमारी बज्रकीतिआभा नरेंद्र देब्यावती का 47 साल की उम्र में निधन हो गया है. 

शाही घराने की तरफ से 12 जून 2026, शुक्रवार को बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि कर दी है. आधिकारिक बयान के अनुसार, राजकुमारी बज्रकीतियाभा ने गुरुवार (11 जून) की शाम बैंकॉक के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली. 

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दिसंबर 2022 से थीं अस्पताल में भर्ती

वह पिछले तीन साल से कोमा में थीं और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थीं. जिसके चलते उन्हें स्लीपिंग प्रिंसेज भी कहा जाने लगा था. 'प्रिंसस भा' के नाम से मशहूर राजकुमारी बज्रकीतियाभा दिसंबर 2022 में उस समय अचानक बेहोश हो गई थीं, जब वह अपने कुत्तों को ट्रेनिंग दे रही थीं. शुरुआत में महल की ओर से बताया गया था कि वह मायकोप्लाज्मा इन्फेक्शन से पीड़ित हैं, जो एक प्रकार का बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है.

शुक्रवार को जारी बयान में बताया गया कि राजकुमारी पेट के इंफेक्शन से जूझ रही थीं और लगातार उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी, जिसके बाद गुरुवार की शाम उन्होंने हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया. डॉक्टरों के तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी किडनी और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था.

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15 दिन के आधिकारिक शोक का ऐलान

थाईलैंड के मंत्रिमंडल ने राजकुमारी बजराकितियाभा के निधन के बाद 15 दिनों के आधिकारिक शोक की घोषणा की हैं. इसके साथ ही सरकारी भवनों और स्कूलों को देशभर में झंडे आधे झुकाकर फहराने का निर्देश दिया गया है. रॉयल हाउसहोल्ड ब्यूरो की घोषणा के बाद 12 जून 2026 को बुलाई गई एक विशेष कैबिनेट बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता रचदा थानादिरेक ने इसकी घोषणा की. प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ राजकुमारी को श्रद्धांजलि देते हुए एक मिनट का मौन रखा और देश के प्रति उनके योगदान और सेवा को सम्मान दिया. 

ग्रैंड पैलेस में दी जाएगी अंतिम विदाई

शाही बयान के अनुसार, राजकुमारी के पार्थिव शरीर को बैंकॉक के ग्रैंड पैलेस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. उनका अंतिम संस्कार शाही परंपराओं के अनुसार पूरे राजकीय सम्मान साथ किया जाएगा. राजकुमारी बज्रकीतियाभा सिर्फ शाही परिवार का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि ग्लोबल स्टेज पर वो देश का एक बेहद पढ़ा-लिखा और मुखर चेहरा थीं.

'प्रिंसस भा' ने कहां से की थी पढ़ाई?

उन्होंने ब्रिटेन, थाईलैंड और अमेरिका से पढ़ाई की थी. उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से की डिग्री हासिल ली थी.वह थाईलैंड की तरफ से ऑस्ट्रिया में राजदूत के तौर पर भी काम कर चुकी थीं. 

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महिला अधिकारों के लिए किया बड़ा काम

संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ मिलकर उन्होंने महिला कैदियों की स्थिति में सुधार और उनके अधिकारों के लिए लंबे समय तक काम किया. 2012 में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की एक विजिट के दौरान उन्होंने खुद के बारे में कहा था, 'मैं खुद से पूछती हूं कि मैं वास्तव में क्या हूं? एक अभियोजक? एक क्रिमिनल लॉयर? या एक राजनयिक? जवाब है- यह सब एक साथ. मैं कह सकती हूं कि मैं एक हाइब्रिड हूं.'

राजा की पहली पत्नी की इकलौती संतान

राजकुमारी बज्रकीतियाभा, राजा महा वजिरालोंगकोर्न की पहली पत्नी राजकुमारी सोम्सावली की इकलौती संतान थीं. राजा के अपनी चार शादियों से कुल सात बच्चे हैं. हालांकि, 73 वर्षीय राजा ने अभी तक अपने आधिकारिक उत्तराधिकारी का ऐलान नहीं किया है, क्योंकि वहां के नियम पुरुषों के पक्ष में अधिक झुके हुए हैं.

अस्पताल में भर्ती होने से करीब एक साल पहले ही राजकुमारी को उनके पिता के बॉडीगार्ड कमांड में एक बड़ी भूमिका सौंपी गई थी, जिससे यह साफ था कि वह अपने पिता के बेहद करीब थीं.

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