साल 2020 को ‘मुसीबतों का साल’ कहा जा रहा है. इस साल अब तक हम कोरोना वायरस, टिड्डी दल, अम्फान साइक्लोन जैसी तमाम मुश्किलों से दो-चार हो चुके हैं. महामारी के चलते लॉकडाउन हुआ तो शहरी सड़कों पर जंगली नजर आने लगे. यहां तक कि कई दुर्लभ प्रजाति के जानवर भी देखे गए, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं.
अब एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नन्हा डायनासोर सड़क पर जमा हुए पानी में चहलकदमी करता नजर आ रहा है. वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि, “बस यही बाकी रह गया था, साल 2020 में डायनासोर भी वापस आ गए हैं.”
2020 में डायनासौर भी आ गए क्या 🤔
Posted by onइंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह दावा गलत है और वीडियो में दिख रहा डायनासोर असली नहीं है. इस दावे का आर्काइव्ड वर्जन आप देख सकते हैं.
इसे के अलावा पर भी खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो के साथ किए जा रहे दावे पर बहुत सारे लोग यकीन कर रहे हैं और “2020 बहुत खतरनाक साल है भाई!” जैसे कमेंट कर रहे हैं.
दावे की पड़ताल
नेशनल की वेबसाइट के मुताबिक, डायनासोर तकरीबन 6.5 करोड़ साल पहले धरती से विलुप्त हो गए थे. वीडियो में दिख रहे नन्हे डायनासोर पर कुछ लोग पानी के छींटे, कंकड़ वगैरह डाल रहे हैं. इसके बावजूद वह विचलित नहीं हो रहा और एक खास दूरी तक चलकर वापस आ रहा है. इससे पता लगता है कि इसे तकनीक की मदद से बनाया गया है. इस तकनीक को ‘ऑगमेंटेड रियलिटी’ कहते हैं. इसकी मदद से आप भी वैसा वीडियो बना सकते हैं, जो वायरल हो रहा है.
गूगल कंपनी ने अभी कुछ रोज पहले ही अपने ‘ ’ में डायनासोर को जोड़ा है. इस पर कई मीडिया भी आई थीं.
गूगल के एक कर्मचारी ने भी इसके बारे में 1 जुलाई, 2020 को किया था. इस फीचर की मदद से कई अलग-अलग प्रजातियों के डायनासोर को अपने घर में देखा जा सकता है. हमने भी ऐसा एक वीडियो बनाया, जिसे नीचे दिए गए लिंक पर देखा जा सकता है.
ऐसे वीडियो बहुत सारे ने बनाए हैं. हालांकि, हमारी पड़ताल में इस बात का पता नहीं लगाया जा सका कि वायरल वीडियो कहां बनाया गया है. लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि वायरल वीडियो में नजर आ रहा डायनासोर असली नहीं है. यह ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक की देन है.
ज्योति द्विवेदी