फैक्ट चेक: यूक्रेन के दो बहादुर बच्चों को लेकर सोशल मीडिया पर फैला भ्रम

पहला बच्चा वह है, जिसने 11 साल की उम्र में हाल ही में यूक्रेन के जपोरिजिया शहर से स्लोवाकिया देश की करीब 1000 किलामीटर की यात्रा अकेले तय की थी. दूसरा बच्चा यूक्रेन छोड़कर पोलैंड जाने वाले कुछ यूक्रेनी नागरिकों की भीड़ में देखा गया था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वही 11 साल का बच्चा है जो युद्ध के कारण यूक्रेन से अकेला ही स्लोवाकिया देश जाने पर मजबूर हो गया.
सच्चाई
ये 11 साल का वो बच्चा नहीं है, जो यू्क्रेन से अकेला स्लोवाकिया जाने की वजह से हाल ही में चर्चा में रहा था. ये एक दूसरा बच्चा है जो यूक्रेन से पोलैंड गया था.

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 1:24 PM IST

युद्ध छिड़ने के बाद से 7 मार्च तक तकरीबन यूक्रेन छोड़ चुके हैं. इनमें से ज्यादातर ने पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाकिया, हंगरी और मॉलडोवा जैसे पड़ोसी देशों में पनाह ली है. पलायन की इन खबरों के बीच सोशल मीडिया पर दो यूक्रेनी बच्चों के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गई हैं. इनमें से एक बच्चा 11 साल का है जिसे मजबूरी में अकेले ही यूक्रेन से स्लोवाकिया जाना पड़ा था. 

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वहीं दूसरा बच्चा हाल ही में यूक्रेन से पोलैंड पहुंचे लोगों की भीड़ में बिलखता देखा गया. 

बहुत सारे लोग इन दोनों बच्चों को लेकर और इन्हें हैं.

तो आइए, जानते हैं कि कैसे अलग है इन दोनों यूक्रेनी बच्चों का किस्सा.   

पहले बच्चे की कहानी

11 साल के ने हाल ही में यूक्रेन के जपोरिजिया शहर से स्लोवाकिया देश की करीब 1000 किलामीटर की यात्रा अकेले तय की थी. दरअसल इस बच्चे की नानी बीमार थीं और उनकी देख-रेख करने के लिए बच्चे की मां को भी जपोरिजिया में रुकना पड़ा. इस बीच वहां बमबारी तेज हो गई. ऐसे में, उन्होंने अपने बच्चे को ट्रेन से अकेले ही देश के बाहर भेज दिया ताकि वो सुरक्षित रह सके.

बाद में स्लोवाकिया की पुलिस ने अपने आधिकारिक के जरिये जानकारी दी कि 11 साल का यह यूक्रेनी बच्चा सुरक्षित पहुंच गया है. पुलिस ने बताया कि बच्चे के परिवार ने उसके हाथ पर एक फोन नंबर लिखा था. इस नंबर के जरिये उसके रिश्तेदारों से संपर्क किया गया और बच्चे को उन्हें सौंप दिया गया.

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बच्चे की मां ने अपने बेटे का ध्यान रखने के लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां की पुलिस का धन्यवाद दिया.

दूसरे बच्चे की कहानी 

‘डेली मेल’ की 6 मार्च 2022 की के मुताबिक, ये बच्चा यूक्रेन छोड़कर पोलैंड जाने वाले कुछ यूक्रेनी नागरिकों की भीड़ में देखा गया था. और की रिपोर्ट्स में भी ये बच्चे नजर आता है.


ये बच्चा कौन है और किन हालातों में पोलैंड पहुंचा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. 

इन दोनों बच्चों की तस्वीरों की तुलना करने से साफ हो जाता है कि ये दोनों अलग-अलग हैं. पोलैंड जाने वाला बच्चा स्लोवाकिया जाने वाले बच्चे से उम्र में काफी छोटा लग रहा है.

यूक्रेनी पार्लियामेंट के मानवाधिकार कमिश्नर के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से लेकर 7 मार्च तक वहां के 38 बच्चों की जान जा चुकी है. साथ ही, 71 बच्चे घायल हो गए हैं.

संजना सक्सेना के इनपुट के साथ

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