फैक्ट चेक: क्या राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के अहिंसा मंत्र का श्रेय इस्लाम को दिया?

राहुल गांधी के बयान को इस्लाम से जोड़ कर पेश करने वाली पोस्टों को ये स्टोरी लिखे जाने तक 11,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका था. इनमें दिए राहुल गांधी के 9 सेकंड के वीडियो में उन्हें ये कहते सुना जा सकता है महात्मा गांधी ने अहिंसा का विचार प्राचीन भारतीय दर्शन-शास्त्र से लिया था, इस्लाम से लिया था.

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फोटो-TWITTER/RahulGandhi फोटो-TWITTER/RahulGandhi

खुशदीप सहगल

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 10:35 PM IST

क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुबई के हालिया दौरे में अपने भाषण में ऐसा कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा का विचार इस्लाम से लिया था?  ऐसा दावा कई फेसबुक पेजों के जरिए सर्कुलेट किया जा रहा है. ऐसे पेजों में Nation with NaMo, PMO India: Report Card  और Shankh Naad शामिल हैं. बता दें कि राहुल गांधी 11 और 12 जनवरी को संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर थे.   

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इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने अपनी पड़ताल में इस दावे को भ्रामक पाया. दुबई में भारतीय समुदाय से बात करते हुए राहुल गांधी ने महात्मा गांधी का ज़िक्र करने पर कहा कि उनके अहिंसा के विचार के लिए ना सिर्फ इस्लाम बल्कि ईसाई और यहूदी जैसे दूसरे धर्मों को भी दिया.

राहुल के बयान को इस्लाम से जोड़ कर पेश करने वाली पोस्टों को ये स्टोरी लिखे जाने तक 11,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका था. इनमें दिए राहुल गांधी के 9 सेकंड के वीडियो में उन्हें ये कहते सुना जा सकता है- “महात्मा गांधी ने अहिंसा का विचार प्राचीन भारतीय दर्शन-शास्त्र से लिया था, इस्लाम से लिया था.” वायरल वीडियो में राहुल गांधी के भाषण के अगले हिस्से को शरारतन हटा कर पेश किया गया.    

कांग्रेस के फेसबुक पेज पर उपलब्ध वीडियो में राहुल का पूरा भाषण सुना जा सकता है. ये वीडियो 27 मिनट और 37 सेंकंड का है. इसमें राहुल गांधी को ये कहते सुना जा सकता है- ‘अहिंसा हमारे डीएनए से जुड़ी है और ये 50 वर्षों से ही नहीं जुड़ी है. महात्मा गांधी अहिंसा के महान  प्रतिनिधि थे. लेकिन महात्मा गांधी जी ने अहिंसा का विचार हमारे महान धर्मों से लिया. प्राचीन दर्शनशास्त्र से, इस्लाम से, ईसाईयत से, यहूदीवाद से, हर महान धर्म से लिया जहां साफ लिखा है कि हिंसा किसी को भी कुछ भी हासिल करने में मदद नहीं करेगी.'  

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पूरे वीडियो को कांग्रेस ने भी ट्वीट किया.

अत: हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि राहुल गांधी के वीडियो को शरारतन ढंग से संपादित किया गया था जिससे कि यूजर्स को भ्रमित किया जा सके और उनके सामने अधूरी तस्वीर पेश की जाए.

अतीत में भी राहुल को इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश की जा चुकी है. नवंबर 2018 में कांग्रेस अध्यक्ष का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे थे. उस वायरल वीडियो ने भी अधूरी कहानी पेश कर इंटरनेट यूजर्स को भ्रमित किया था. उस वीडियो से भी छेड़छाड़ की गई थी. इंडिया टुडे ने उस दावे की भी कलई खोल कर रख दी थी. 

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