तो क्या इन 5 वजहों से सैक्रेड गेम्स के पहले सीजन से फ्लॉप रहा दूसरा सीजन?

सैफ अली खान, पंकज त्रिपाठी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी स्टारर वेब सीरीज सैक्रेड गेम्स 2 रिलीज हो चुकी है. जहां कुछ लोगों को ये सीरीज बेहद पसंद आई तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें ये सीरीज बिल्कुल बर्बाद लगी. आइए बात करते हैं उन बातों की जिनके चलते ये सीरीज जनता को पहले से कम पसंद आई.

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सैक्रेड गेम्स 2 की स्टारकास्ट सैक्रेड गेम्स 2 की स्टारकास्ट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 12:43 PM IST

सैफ अली खान, पंकज त्रिपाठी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी स्टारर वेब सीरीज सैक्रेड गेम्स 2 रिलीज हो चुकी है. फैन इस सीरीज के बारे में बात करते नहीं थक रहे हैं. सोशल मीडिया पर शो के डायलॉग्स और मीम्स खूब वायरल हो रहे हैं. जहां कुछ लोगों को ये सीरीज बेहद पसंद आई तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें ये सीरीज बिल्कुल बर्बाद लगी.

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आइए बात करते हैं उन बातों की जिनके चलते ये सीरीज जनता को पहले से कम पसंद आई -

प्रेडिक्टेबल है शो

सैक्रेड गेम्स 2 गणेश गायतोंडे और सरताज सिंह की कहानी को आगे बढ़ा रही है. जहां पहला सीजन शानदार था वहीं लोगों को नए सीजन में कई चीजों की कमी लगी. पिछले सीजन में आपके लिए आगे आने वाली चीजों का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल था, जो इस सीजन में काफी हद तक नहीं है. जहां इस सीजन के अपने सरप्राइज एलिमेंट्स हैं वहीं काफी हद तक ये शो प्रेडिक्टेबल हो जाता है.

नए किरदार

गणेश गायतोंडे, बंटी, पारुलकर, मैलकम और सरताज सिंह वो किरदार हैं, जिन्हें हमने पहले सीजन में देखा था. ये किरदार पहले से शो में अपनी अलग जगह बना चुके हैं यानी इन्हें बस आगे बढ़ाना है. जबकि नए किरदारों को स्थापित करने के लिए मेकर्स को काफी मेहनत करनी थी. नए सीजन में आए नए किरदार अच्छे तो थे लेकिन उनपर थोड़ी और मेहनत की जरूरत थी, खासकर कल्कि कोचलिन. हम सभी ने कल्कि को बहुत बढ़िया किरदार निभाते और एक्टिंग करते देखा है ऐसे में बात्या अबेलमैन का किरदार थोड़ा और गहरा होता तो कमाल हो जाता.

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राजनीतिक विवाद

इस बार मेकर्स ने राजनीतिक और न्यूडिटी पर कुछ खास बात नहीं की है. सैक्रेड गेम्स 1 में हम सभी ने कई बड़े-बड़े मुद्दों जैसे बाबरी मस्जिद मामला, राजीव गांधी और शाह बानो केस, जातिवाद से जुड़े दंगों आदि के बारे में बात की थी. इन सभी सीक्वेंसेस पर काफी राजनीतिक विवाद हुआ था. शायद यही कारण है कि सैक्रेड गेम्स 2 में मेकर्स ने पोलिटिकल इश्यूज को सिर्फ छुआ है. तो क्या दूसरे सीजन में इन चीजों को दिखाने से डर गए थे मेकर्स? इससे शो थोड़ा कम मजेदार लगा. बहुत सी ऐसी बातें थीं, जिनपर अगर शो पर बात होती तो वो और दिलचस्प हो जाता.

कम एंगेजिंग सीरीज

इस शो के सभी एपिसोड काफी लम्बे हैं. शो की एडिटिंग थोड़ी ढीली है, जिसके चलते ये थोड़ा कम एंगेजिंग हो जाता है. पहले सीजन में हम सभी को एपिसोड के एंड में एक मिस्ट्री पर लाकर छोड़ दिया जा रहा था, जिससे देखने वाले के मन में ये सवाल बार-बार मंडरा रहा था कि आगे क्या होगा. एपिसोड को एक हुक पाए छोड़ने पर दर्शकों को आगे की कहानी जानने में दिलचस्पी थी. सैक्रेंड गेम्स सीजन 2 के कुछ हद तक प्रेडिक्टेबल होने और एपिसोड के अंत में इंगेजमेंट की कमी होने पर शो आपको उतना इम्प्रेस नहीं करता.

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फिल्मी है सीन्स

सैक्रेड गेम्स 2 के सीन्स पर आपने ध्यान दिया हो तो कुछ सीन्स कॉपी किए हुए लगते हैं. इसमें गायतोंडे का पहले एपिसोड में बोट से भागने के लिए ऊपर आना और अपने आप को समंदर के बीच पाना शामिल है. ये सीन सलमान खान की फिल्म वॉन्टेड में भी था. इसके अलावा भी कुछ सीन्स थे, जिन्हें देखकर आपको फिल्मों की याद आएगी.

सैक्रेड गेम्स 2 एक बढ़िया शो है. सभी एक्टर्स ने इसमें बढ़िया परफॉरमेंस दी है, जो तारीफ के लायक है. सीरीज के डायलॉग्स जनता के बीच खासे फेमस हो गए हैं. अगर उसमें ये कमियां ना होती तो ये शो परफेक्ट होता. 

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