यादें: जगजीत सिंह की 10 सदाबहार गजलें...

दिल को छू लेने वाली गजलों को अपनी दर्दभरी आवाज से और भी खूबसूरत बनाने वाले गजल गायक जगजीत सिंह का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है.

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जगजीत सिंह की फाइल फोटो जगजीत सिंह की फाइल फोटो

दीपिका शर्मा

  • मुंबई,
  • 10 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 3:14 PM IST

आपने जब पहली बार मुहब्बत की होगी, तो वो आपके दिल की आवाज बना होगा. जब पहली बार आपका दिल टूटा होगा, तो उसकी आवाज ने आपका दिल बहलाया होगा. जब आप लंबे सफर पर चले होंगे, तो उस आवाज ने आपकी तन्हाई बांटी होगी. ऐसी ही मखमली आवाज के जादूगर थे.

कई भारतीय भाषाओं में अपनी गायिकी के चलते मील का पत्थर साबित हो चुके जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को बीकानेर के श्रीगंगानगर में हुआ था. 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह इस दुनिया को छोड़ कर चले गए. भले ही जगजीत सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सदाबहार आवाज में गायी गईं गजलें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं.

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फिल्मी पर्दे पर इश्क की परतों को ताजगी देने वाली जगजीत सिंह की 10 बेहतरीन गजलें-

प्रेम गीत (होठों से छू लो तुम)

साथ-साथ (तुमको देखा तो ये)

अर्थ (झुकी झुकी सी नजर)

तरकीब (किसका चेहरा अब मैं देखूं)

तुम बिन (कोई फरियाद)

दुश्मन (चिट्ठी ना कोई संदेश)

साथ-साथ (प्यार मुझसे जो किया)

अर्थ (तुम इतना जो मुस्कुरा)

सरफरोश (होश वालों को खबर)

जॉगर्स पार्क (बड़ी नाजुक)

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