साल 2022 में आई फवाद खान, माहिरा खान और हमजा अली अब्बासी की ऐतिहासिक एक्शन-ड्रामा फिल्म 'द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट' (The Legend of Maula Jatt) को पाकिस्तानी सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर माना जाता है. लेकिन हाल ही में जब इस फिल्म को चीन के बॉक्स ऑफिस पर रिलीज किया गया, तो वहां इसके प्रदर्शन ने सबको चौंका दिया.
चीन में फिल्म के बुरी तरह पिछड़ने के बाद अब पाकिस्तान के ही मशहूर फिल्ममेकर 'अबू अलीहा' (Abu Aleeha) ने अपनी ही इंडस्ट्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने फिल्म की नाकामी का सच स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी सिनेमा में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर किए जाने वाले झूठे दावों की जमकर धज्जियां उड़ाई है. अबू अलीहा का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि जनता को धोखा देना बंद किया जाए.
चीन में मार्केटिंग पूरी तरह फेल रही
अबू अलीहा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में साफ शब्दों में कहा, 'चीन के बॉक्स ऑफिस पर भले ही फिल्म का प्रदर्शन बेहद साधारण रहा हो, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि 'द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट' अब तक की बनी सबसे बेहतरीन पंजाबी फिल्म है. फिल्म की काबिलियत पर कोई शक नहीं किया जा सकता. हालांकि, चीन में छह दिनों के भीतर इस फिल्म ने महज 4 मिलियन (40 लाख) पाकिस्तानी रुपये की कमाई की, जो फिल्म की कमजोरी नहीं बल्कि वहां की मार्केटिंग और प्रमोशन की एक बहुत बड़ी नाकामी को उजागर करता है. फिल्म को वहां सही तरीके से प्रमोट ही नहीं किया गया.'
पाकिस्तानी फिल्ममेकर ने आगे लिखा, 'हमें चीन के बॉक्स ऑफिस के सिस्टम और उनकी ईमानदारी की तारीफ करनी चाहिए. वहां का रोजाना का बॉक्स ऑफिस डेटा ऑनलाइन हर किसी के लिए उपलब्ध रहता है, जिसे कोई भी जाकर आसानी से वेरिफाई कर सकता है. वहां आंकड़ों में कोई हेरफेर नहीं होता. इसके ठीक उलट अगर पाकिस्तान की बात करें, तो यहां का खेल बिल्कुल अलग है.
पाकिस्तान में जो औसत फिल्म मुश्किल से 20 मिलियन (2 करोड़) PKR कमाती है, उसे वहां के डिस्ट्रीब्यूटर्स और मेकर्स बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं. वे बस एक बढ़िया सा ग्राफिक टेम्पलेट तैयार करते हैं और छाती ठोककर झूठा दावा कर देते हैं कि फिल्म ने 220 मिलियन (22 करोड़) PKR का छप्परफाड़ बिजनेस किया है. कमाल की बात यह है कि पूरी इंडस्ट्री में कोई भी इस झूठ को चुनौती देने की हिम्मत नहीं दिखाता.'
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में भी फिल्म के इस फीके प्रदर्शन को 'चाइना रियलिटी चेक' के रूप में दिखाया गया है, जहां 2,790 शोज में महज 2,202 की ऑडियंस नजर आ रही है. इसी कड़वी हकीकत का जिक्र करते हुए अबू अलीहा कहते हैं, 'अब वो वक्त आ चुका है जब हमें फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही उसके बॉक्स ऑफिस आंकड़े तय करना बंद करना होगा. हमें मनगढ़ंत और करोड़ों रुपये के फर्जी आंकड़ों के जाल में फंसाकर अपनी ही जनता को धोखा देना बंद करना चाहिए. यह फर्जीवाड़ा जान-बूझकर हमारे देश के सीमित 48-सिनेमा सर्किट की कड़वी जमीनी हकीकत को छिपाने के लिए किया जाता है.
'माइकल' फिल्म का दिया उदाहरण
अपनी बात को साबित करने के लिए अबू अलीहा ने पिछले महीने ईद पर रिलीज हुई फिल्म 'माइकल' का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि दिन-रात हाउसफुल चलने के बावजूद और ईद के आम दिनों के मुकाबले दोगुने शोज होने के बाद भी, इस फिल्म को असल में 150 मिलियन (15 करोड़) PKR का आंकड़ा पार करने में पूरे एक महीने की लगातार सफलता लगी. यह एक रियल हिट फिल्म की रफ्तार होती है. इसके बावजूद, स्थानीय प्रोड्यूसर्स अक्सर फर्जी टेम्पलेट वायरल कर देते हैं, जिनमें वे दावा करते हैं कि फिल्म ने महज एक ही हफ्ते में इतना भारी-भरकम पैसा कमा लिया है. वे सोशल मीडिया पर अपनी इसी मनगढ़ंत सफलता का ढिंढोरा पीटते रहते हैं.
अबू अलीहा ने अंत में लिखा, 'पिछले हफ्ते अहमद अली बट के पॉडकास्ट पर उनसे एक सवाल पूछा गया था कि ऐसी कौन सी एक चीज है जो अबू अलीहा फिल्म इंडस्ट्री में कभी नहीं करेंगे? इस पर उनका जवाब बिल्कुल सीधा और साफ था. उन्होंने कहा, 'मैं अपने प्रोड्यूसर को कभी भी इस बात की इजाजत नहीं दूंगा कि वो 20 मिलियन (2 करोड़) के असली बिजनेस पर 220 (22 करोड़) मिलियन का फर्जी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिखाए और जनता की आंखों में धूल झोंके.'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क