पिता का नाम इस्तेमाल नहीं करतीं तब्बू, न मिलने में है दिलचस्पी, जब एक्ट्रेस ने बताई थी वजह

तब्बू ने एक बार अपने पिता के बारे में एक पुराने इंटरव्यू में बात की थी. तब उन्होंने बताया था कि वो क्यों उनसे कभी मिलना और उनका आखिरी नाम इस्तेमाल नहीं करना चाहतीं.

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जब अपने पिता पर बोली थीं तब्बू (Photo: IMDb) जब अपने पिता पर बोली थीं तब्बू (Photo: IMDb)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:28 AM IST

बॉलीवुड की हसीना तब्बू आज के समय में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के अंदर एक खास जगह रखती हैं. 54 की उम्र में भी उनकी स्क्रीन प्रेजेंस शानदार है. कई लोग एक्ट्रेस की खूबसूरती पर फिदा भी रहते हैं. तब्बू ने ये मुकाम बड़ी मेहनत से हासिल किया है. वो पिछले 30 सालों से इंडस्ट्री में काम कर रही हैं. 

जब बचपन के बारे में तब्बू ने की थी बात

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तब्बू का पूरा नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है. लेकिन वो अपना पूरा नाम बहुत कम ही इस्तेमाल करती हैं. उन्हें लोग ज्यादातर तब्बू के नाम से ही जानते हैं. एक पुराने इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपने नाम के आगे सरनेम ना लगाने की वजह बताई थी. साथ ही ये भी बताया था कि वो क्यों अपने पिता से कभी मिलना नहीं चाहतीं. 

सिमी ग्रेवाल के पॉपुलर शो 'रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल' पर तब्बू ने अपनी फैमिली के बारे में कहा था, 'मेरा बचपन बहुत अच्छा गुजरा. हम सब अपनी पूरी जिंदगी हैदराबाद में ही रहे. माता-पिता के तलाक के बाद मैं अपनी नानी-नाना के साथ रहती थी. मेरी मम्मी टीचर थीं, इसलिए मैं ज्यादातर वक्त अपनी नानी के साथ बिताती थी. नानी दुआ करती थीं, किताबें पढ़ती थीं और मैं उसी माहौल में बड़ी हुई. मैं बहुत डरपोक थी, मेरे अंदर कोई आवाज नहीं थी. सच कहूं तो हीरोइन बनने के बाद, एक्टर बनने के बाद भी मेरे अंदर वो अपनी आवाज नहीं आई थी.'

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क्यों पिता का सरनेम नहीं इस्तेमाल करतीं तब्बू?

तब्बू ने आगे अपने पिता का आखिरी नाम 'हाशमी' अपने नाम के साथ ना लगाने की वजह भी बताई थी. उन्होंने कहा था, 'मैंने कभी सच में इसका इस्तेमाल ही नहीं किया. मुझे कभी लगा ही नहीं कि पापा का सरनेम इस्तेमाल करना मेरे लिए जरूरी है. मेरे लिए तो हमेशा से मेरा नाम तबस्सुम फातिमा ही रहा. स्कूल में तो फातिमा को ही मेरा सरनेम मानते थे. मुझे उनकी कोई याद ही नहीं है. मेरी बहन ने उनसे कभी-कभार मुलाकात की है, लेकिन मुझे कभी उनसे मिलने की इच्छा नहीं हुई. मुझे उनके लिए कोई एक्साइटमेंट भी नहीं है. मैं जैसी हूं, उसी में बहुत खुश हूं. जिस तरह बड़ी हुई हूं, वैसी ही ठीक हूं. अपनी जिंदगी में पूरी तरह सेटल हूं और अच्छा महसूस करती हूं.'

तब्बू के माता-पिता का तलाक तब हुआ था जब एक्ट्रेस महज तीन साल की थीं. उनके पिता ने बाद में दूसरी शादी कर ली थी. तब्बू की एक बहन फराह भी हैं, जो खुद एक एक्ट्रेस थीं. बाद में तब्बू ने भी अपनी बहन की राह चुनी. उनका करियर एक तेलुगू फिल्म से शुरू हुआ, जो 1991 में रिलीज हुई थी. फिर, साल 1994 में उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा. हालांकि तब्बू की पहली फिल्म उतनी नहीं चली. मगर तभी उन्होंने अजय देवगन के साथ फिल्म 'विजयपथ' में काम किया, जिसने उन्हें हिंदी ऑडियंस में पहचान दिलाई. 

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