इन दिनो रोहित शेट्टी अपनी फिल्म सूर्यवंशी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. फिल्म की बॉक्स ऑफिस ओपनिंग अच्छी रही. अब तक फिल्म 266 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार कर चुकी है. रोहित शेट्टी बॉलीवुड के बेस्ट डायरेक्टर्स में से एक हैं और उनकी हर फिल्म रिकॉर्ड तोड़ कमाई करती है. रोहित शेट्टी आज भले ही एक अच्छे मुकाम पर पहुंच चुके हैं. पर यहां तक पहुंचने के लिये उन्होंने बहुत कुछ झेला है. यहां तक कि लोकल ट्रेन में चप्पल खाने तक की नौबत आ गई थी.
लोकल ट्रेन से रोहित शेट्टी का सफर
एक इंटरव्यू के दौरान सूर्यवंशी डायरेक्टर रोहित शेट्टी अपने स्ट्रगल डेज पर बात करते हुए नजर आये. इंटरव्यू में जब रोहित शेट्टी से पूछा गया कि आपने आखिरी बार लोकल ट्रेन में कब सफर किया है. इसके जवाब में वो कहते हैं कि 'लोकल ट्रेन में मेरी लंबी जर्नी रही है. बचपन से नाता रहा है मेरा और लोकल ट्रेन का.' बातचीत के दौरान रोहित शेट्टी ने लोकल ट्रेन का एक फनी मूमेंट भी शेयर किया. वैसे ये फनी कम और डरावना ज्यादा था.
रोहित बताते हैं कि बचपन में वो स्कूल जाने के लिये लोकल ट्रेन से सफर करते थे. उस समय मेल कोच में काफी भीड़भाड़ होती थी. इसलिये वो उससे बचने के लिये जल्दी से लेडीज कोच में चढ़ जाते थे. उस समय वो छोटे थे और स्कूल यूनिफॉर्म में उन्हें देख कर कोई कुछ नहीं कहता था. रोहित शेट्टी को भी धीरे-धीरे इसकी आदत लगी. उन्हें पता नहीं चला कि कब उनकी हाइट बढ़ती गई और वो बड़े दिखने लगे. पर एक दिन जब वो ट्रेन में चढ़े, तो वहां मौजूद सभी लेडीज ने उन्हें देखकर चिल्लाने लगीं. यही नहीं, सारी की सारी महिलाएं उन्हें चप्पल लेकर पीटने के लिये भी रेडी थीं. उन्हें देख कर लेडीज कहती हैं. 'मारो... मारो... ये कैसे आ गया इधर.'
लोकल ट्रेन का यादगार सफर
लोकल ट्रेन के बारे में बात करते हुए रोहित कहते हैं कि उस दिन मैं लोकल ट्रेन में सभी आंटियों से कहता रहा कि मैं बच्चा हूं. मैं बच्चा हूं. पर कोई मानने को तैयार नहीं था. इस किस्से के बाद रोहित शेट्टी इतना डर गये थे कि उन्होंने वापस से कभी लेडीज कोच में न चढ़ने की कसम खा ली. रोहित कहते हैं कि उस दिन के बाद से मैं ट्रेन छोड़ने को तैयार था, लेकिन कभी लेडीज कोच में नहीं चढ़ा.
रोहित शेट्टी अपनी फिल्मों में एक्शन सीन्स और महंगी-मंहगी गाड़ियों को उड़ाने के लिये मशहूर हैं. उनके इस जबरदस्त डायरेक्शन के कई लोग कायल हैं. इसलिये रोहित शेट्टी को बॉलीवुड का आइंस्टीन भी कहते हैं.
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