बॉलीवुड में जब भी किसी स्टार किड या फिल्मी परिवार के बच्चे की एंट्री होती है, तो नेपोटिज्म और प्रिविलेज की बहस छिड़ना लाजमी है. अक्सर देखा गया है कि स्टार किड्स इस बहस से बचते नजर आते हैं या अपने संघर्षों को बड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं. लेकिन सलमान खान की भांजी और फिल्म 'फर्रे' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अलीजेह अग्निहोत्री ने इस मुद्दे पर जो कहा है, वह वाकई हैरान करने वाला है.
वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में अलीजेह ने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया है कि एक बड़े फिल्मी बैकग्राउंड से होने के कारण उनका सफर दूसरों के मुकाबले बेहद आसान रहा है. उनका मानना है कि जब आपको सब कुछ थाली में सजाकर मिला हो, तो आपके पास काम में नाकाम होने का कोई बहाना नहीं बचता.
ऑडिशन की कतारें और प्रिविलेज का अहसास
अलीजेह अग्निहोत्री जमीन से जुड़ी सोच रखने वाली कलाकार हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या एक नामचीन फिल्मी परिवार से आने की वजह से उनकी राह आसान हुई, तो उन्होंने बेहद ईमानदारी से इसका जवाब दिया. अलीजेह का कहना है कि जब वह ऑडिशन के लिए जाती हैं और वहां दूसरे कलाकारों को संघर्ष करते और अपना परिचय देते देखती हैं, तो उनके मन में एक गहरी कृतज्ञता (शुक्रगुजार होने का भाव) आती है. उनका मानना है कि भले ही फिल्म इंडस्ट्री में काम करना सबके लिए मुश्किल है, लेकिन जो सुविधाएं, पहुंच और आराम एक स्थापित परिवार के बच्चे को मिलते हैं, उसकी तुलना दूसरों से नहीं की जा सकती. जिन लोगों को हर महीने किराए या बुनियादी जरूरतों की चिंता नहीं होती, उनका संघर्ष उन लोगों से कहीं कम है जो बिल्कुल अकेले इस इंडस्ट्री में पैर जमाने आते हैं.
बड़े परिवार के बीच खुद की पहचान का संकट
एक मशहूर परिवार का हिस्सा होने का एक दूसरा पहलू भी है, जिससे अलीजेह लगातार जूझती हैं. वह कहती हैं कि ऐसे माहौल में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि लोग आपकी पहचान हमेशा किसी और से जोड़कर देखते हैं. अलीजेह के मुताबिक, उनकी यही चाहत उन्हें सबसे अलग बनाती है कि वह अपनी खुद की एक स्वतंत्र पहचान कायम करना चाहती हैं. वह जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही हैं और खुद को इस तरह पेश कर रही हैं जिसकी उम्मीद आमतौर पर लोगों को नहीं होती. वह नहीं चाहतीं कि दर्शक उनके बारे में पहले से ही कोई गलत धारणा बना लें, इसलिए वह बहुत सोच-समझकर कदम बढ़ा रही हैं.
अक्सर स्टार किड्स इस बात की शिकायत करते नजर आते हैं कि उन पर दर्शकों और मीडिया की उम्मीदों का बहुत भारी दबाव रहता है. लेकिन अलीजेह इस दबाव को एक अलग नजरिए से देखती हैं. उनका कहना है कि उम्मीदें होना प्रिविलेज को कम नहीं कर देता. अगर आपको इंडस्ट्री में दूसरों से आगे खड़े होने का मौका मिला है, तो आपके ऊपर दबाव और उम्मीदें होना बिल्कुल जायज है. ज्यादा पहुंच के साथ ज्यादा जवाबदेही भी आती है. अलीजेह का मानना है कि उनके पास काम को ठीक से न करने का कोई बहाना नहीं है, क्योंकि उनके पास हर वो साधन मौजूद है जो एक अच्छे काम के लिए जरूरी होता है.
परिवार की मंजूरी से ज्यादा दर्शकों का प्यार जरूरी
दिलचस्प बात यह है कि अलीजेह खुद को परखने के लिए अपने परिवार के पैमाने नहीं चुनतीं. वह उन कलाकारों से प्रेरित होती हैं जिन्हें वह अपना आदर्श मानती हैं. अलीजेह का कहना है कि वह खुद पर यह दबाव हमेशा महसूस करती हैं कि जिस कलाकार की वह इज्जत करती हैं, वह कभी उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ करे. इसके साथ ही, वह मानती हैं कि उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री के अंदर के लोगों या उनके अपने परिवार की मंजूरी से कहीं ज्यादा मायने यह रखता है कि आम दर्शक उनके काम के बारे में क्या सोचते हैं. आखिरकार जनता का फैसला ही किसी कलाकार का भविष्य तय करता है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क