एंटरटेनमेंट क्वीन राखी सावंत अपने बेबाक और बिंदास एटीट्यूड के लिए जानी जाती हैं. राखी हमेशा बिना किसी फिल्टर के अपनी बात दुनिया के सामने रखती हैं. यही वजह है कि उनकी सच्चाई फैंस के दिल को छू लेती है. अब राखी ने बताया कि उनके परिवार के लिए वो सिर्फ एक एटीएम मशीन की तरह थीं. परिवार में उनसे ज्यादा ध्यान उनके भाई को दिया जाता था. इस बात का दुख उन्हें अभी तक होता है.
राखी का छलका दर्द
Hauterrfly संग बातचीत में राखी सावंत ने अपनी जिंदगी से जुडे़ कई राज खोले. अपने दिल का दर्द बयां करते हुए राखी बोलीं- परिवार के लिए मैं सिर्फ एक एटीएम मशीन थी. हमारे घर में मेरे भाई राकेश सावंत को कॉन्वेंट इंग्लिश स्कूल में हाई क्लास फीस देकर पढ़ाया गया. लेकिन लड़कियों को बीएमसी स्कूल में डाल दिया था. पेरेंट्स कहते थे ये क्या पढ़ लिखकर करेंगी. लड़कियों को तो शादी करके जाना है.
राखी आगे बोलीं- मेरे मां-बाप तो दुनिया में अब नहीं हैं. लेकिन आखिर में उनके काम कौन आया...उनकी लड़की. दिन-रात मेहनत करके उन लोगों का इलाज करवाया. उनके बेटे-बेटियों की शादियां कीं. उन लोगों को अपनी पूरी जिंदगी दे दी. राखी आगे बोली- मेरे मां-बाप नहीं हैं. मैंने अब शांति से जीना शुरू किया है. क्या ऐसा कोई बोल सकता है? लेकिन मैं कह रही हूं.
इमोशनल हुईं राखी सावंत
राखी आगे बोलीं- जब तक मेरे मां-बाप जिंदा थे, उन्हें पैसे चाहिए होते थे. बस पैसा कमाकर लाओ. मां हॉस्पिटल में थीं. पैसे की जरूरत थी. मैं मां को फेंक नहीं सकती थी. मैं मां का अंग हूं. मैं दूसरे सेल्फिश लोगों की तरह नहीं हूं. मैं बस पैसा कमाती थी. मैं मेरे घर की अंबानी हूं. ये कहते हुए राखी इमोशनल हो गईं. उनकी आंखों से आंसू छलक उठे.
राखी का दर्द जानने के बाद फैंस उनके सपोर्ट में आगे आ रहे हैं. फैंस का कहना है कि लोगों को राखी का स्ट्रगल दिखता है, लेकिन उनके दिल में छिपा दर्द नहीं दिखता. फैंस ने राखी को स्ट्रॉन्ग वुमन का टैग दिया है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क